प्रतिष्ठित जम्मू रोपवे के पहले सेक्शन में पीरखो-महामाया रोपवे शुक्रवार को जम्मूवासियों को समर्पित किया गया। इस रोपवे के साथ सेक्शन दो में बाहु-महामाया रोपवे के चलने से जम्मू रोपवे शहर के प्रमुख पीरखो, महामाया और बावे वाली माता (बाहु) मंदिर से जुड़ गया है। पर्ययक और स्थानीय लोग रोपवे से पीरखो से महामाया और फिर बाहु पहुंच सकेंगे। इसी तरह बाहु से आने वाले पहले महामाया और फिर पीरखो मंदिर तक आ जा सकेंगे। रोपवे के दोनों सेक्शनों के संचालन से जम्मू में पर्यटन को गति मिलेगी। एलजी मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को पीरखो-महामाया रोपवे का औपचारिक उद्घाटन किया। 1.18 किलोमीटर लंबा पीरखो-महामाया रोपवे सूर्य पुत्री तवी नदी के ऊपर स्थापित है। सात टावरों वाले इस रोपवे में 16 केबिन स्थापित गए हैं। जम्मू रोपवे पर 75.83 करोड़ रुपये की लागत आई है और जम्मू-कश्मीर में तीन दशक बाद ऐसे किसी रोपवे का निर्माण किया गया है। एलजी ने कहा कि जम्मू में रोपवे के पूर्ण संचालन से जम्मू-कश्मीर खासतौर पर जम्मू में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से आजीविक के अवसर प्रदान होंगे।
जम्मू-कश्मीर: जम्मू में पीरखो-महामाया रोपवे शुरू, पर्यटन क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा, देखिए तस्वीरें
जम्मू रोपवे एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण होगा। यह जम्मू-कश्मीर में पर्यटन क्षेत्र में नया उत्साह पैदा करेगा। इसके अलावा जम्मू शहर के सौंदर्य में इजाफा होगा। उन्होंने अधिकारियों को रोपवे में सुरक्षा मानकों को बनाए रखने के लिए उचित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को पर्यटकों की आसान पहुंच के लिए लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के लिए कहा। इस दौरान मेयर चंद्र मोहन गुप्ता, सांसद जुगल किशोर शर्मा, सलाहकार बशीर अहमद खान, मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता आदि मौजूद रहे।
जम्मू रोपवे में पर्यटकों और लोगों के लिए रेस्तरां, पैदल मार्ग, लॉन, सार्वजनिक उपयोगिताओं, पार्किंग स्थान और अन्य मनोरंजक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
मुफ्त की रोपवे की सवारी से झूम उठे क्षेत्रवासी
पीरखो-महामाया रोपवे की सवारी लेकर क्षेत्रवासी झूम उठे। जम्मू-कश्मीर केबल कार कॉरपोरेशन की ओर से स्थानीय लोगों के लिए पहले दिन कंप्लिमेंटरी के तौर पर निशुल्क रोपवे चलाया गया। इसमें करीब 200 स्थानीय लोगों ने रोपवे का मजा लिया। क्षेत्रवासी रंजीत ने कहा कि वह लंबे समय से पीरखो-महामाया रोपवे चलने का इंतजार कर रहे थे और उन्होंने पहली बार रोपवे की सवारी की है। इस रोपवे पर तवी नदी, पुराना शहर सहित अन्य कई प्राकृतिक नजारे देखने को मिलते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि रोपवे के साथ शहर के प्रमुख पीरखो, महामाया और बावे वाली माता का मंदिर जुड़ गया है, जिससे देश विदेश के पर्यटकों के आने से स्थानीय कारोबार में भी इजाफा होगा।
रोपवे की सवारी करने में एक अन्य बलवीर ने कहा कि इस तरह के नए परियोजनाओं के शुरू होने से जम्मू में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। सरकार को इसके साथ कृत्रिम झील, सावर मती की तर्ज पर तवी रिवर फ्रंट, जम्मू हैविटेट सेंटर, सुचेतगढ़ में बार्डर टूरिज्म को भी बढ़ावा देने पर काम करना चाहिए, ताकि जम्मू में आर्थिक विकास हो। दिनभर तवी नदी के ऊपर रोपवे के निरंतर चलने से अलग ही नजारा था। रोपवे के प्रभारी राकेश भट्ट ने बताया कि कोशिश की जा रही है कि पीरखो-महामाया रोपवे में जायज दरें तय की जाएं, ताकि अधिक से अधिक लोगों को रोपवे तक लाया जा सके।
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