जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक अपने कई बयानों से राज्य के साथ ही देश भर में चर्चा में बने रहे। बेबाक शैली और निर्णयों के लिए उनका कार्यकाल हरदम याद किया जाएगा। अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद शुरू हुई सियासी बयानबाजी के बीच कई बार मलिक ने नेताओं को जबरदस्त फटकार भी लगाई।
जम्मू-कश्मीरः राहुल गांधी को नसीहत और खुद के जेल जाने के बारे में ऐसा बोले थे राज्यपाल मलिक
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उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती सहित नजरबंद किए गए अन्य नेताओं पर राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने तंज कसते हुए कहा था कि क्या आप नहीं चाहते हैं लोग नेता बनें। मैं 30 बार जेल गया हूं। जो लोग जेल जाते हैं, वे नेता बनते हैं। उन्हें वहां रहने दें। जितना ज्यादा वक्त वे जेल में बिताएंगे, चुनाव प्रचार के समय उतना ही वे दावे कर पाएंगे। मैंने छह महीने जेल में गुजारे हैं।
इसी मामले पर मलिक ने कहा, इसलिए अगर आपको उनसे हमदर्दी है, तो उन्हें हिरासत में लेने से दुखी नहीं हों। वे सभी अपने घरों में हैं। मैं आपातकाल के दौरान फतेहगढ़ जेल में था जहां पहुंचने में दो दिन लगते थे। अगर किसी मुद्दे पर किसी को हिरासत में लिया जाता है और उसकी मर्जी है तो वह राजनीतिक लाभ लेगा।’’ फारूक अब्दुल्ला अपने घर में हैं, जबकि उनके बेटे उमर हरि निवास में हैं। वहीं महबूबा मुफ्ती को चश्मेशाही में रखा गया है।
राज्य को विशेष दर्जा प्रदान करने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को हटाने के बाद मुख्यधारा के सियासतदानों को नजरबंद रखने को राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने यह कहते हुए न्यायोचित ठहराया था कि जितना ज्यादा वक्त वे जेल में रहेंगे उन्हें इसका उतना ही राजनीतिक फायदा मिलेगा।
अनुच्छेद 370 हटाने जाने के बाद राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान के बाद मलिक ने कहा कि राहुल गांधी को अपने एक नेता के व्यवहार के बारे में शर्मिंदा होना चाहिए जो संसद में मूर्खों का तरह बात कर रहे थे। मैंने राहुल गांधी को यहां आने के लिए आमंत्रित किया है। मैं उन्हें एक विमान भेजूंगा, आप स्थिति का जायजा लें और फिर बोलें। आप एक जिम्मेदार व्यक्ति हैं और आपको इस तरह से नहीं बोलना चाहिए।