श्रीनगर के बन टोल प्लाजा पर सुरक्षाबलों द्वारा मारे गए आतंकवादियों से उच्च मारक क्षमता वाली अमेरिकी असॉल्ट राइफल की बरामदगी चिंता का विषय हो सकती है। सबसे बड़ा सवाल उठता है आखिर आतंकियों को इतने आधुनिक हथियार कहां से और कैसे मिले। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं।
वो आधुनिक अमेरिकी राइफल जो जम्मू में मारे गए आतंकियों से बरामद हुई, बेहद घातक है यह हथियार
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यह आधुनिक राइफल नाइट विजन स्क्रीन से लैस होती है। इसमें सप्रेसर्स, लेजर पॉइंटर्स, टेलीस्कोपिक आदि का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे यह राइफल और अधिक आधुनिक व खतरनाक हो जाती है। आतंकियों से बरामद हथियार अधिकतर विदेशी हैं।
जिनमें बड़ी संख्या में चीनी निर्मित पिस्टल और हैंड ग्रेनेड शामिल हैं। बताया जा रहा है कि ऐसा पहला मौका है जब सुरक्षाबलों ने आतंकियों के पास से ऐसे आधुनिक और घातक हथियार बरामद किए हैं, जोकि चिंताजनक भी है।
नगरोटा में बन टोल प्लाजा पर शुक्रवार को मुठभेड़ में मारे गए आतंकी यदि यहां से सुरक्षित निकल जाते तो भारी तबाही मचा सकते थे। आतंकियों के पास से बरामद गोला-बारूद और असलहा अति विशिष्ट लोगों को मिले बुलेटप्रूफ वाहनों को भी भेदने की क्षमता रखता था। आतंकियों के पास गोला-बारूद लेबल 3 की सुरक्षा को भेदने वाला था। इस श्रेणी की सुरक्षा उपराज्यपाल, उनके सलाहकार और सुरक्षा एजेंसियों के बड़े अधिकारियों के पास है।
सूत्रों का कहना है कि आतंकियों के पास स्टील की गोलियां, पिस्टल, अमेरिका की एम 4 गन सहित 52 आइटम थे। ऐसे में यह साफ है कि यह आतंकी जम्मू-कश्मीर में वीवीआईपी लोगों को निशाना बनाने के मकसद से घुसे थे। इससे पहले वर्ष 2018 में अवंतीपोरा में सीआरपीएफ कैंप पर हुए हमले में इस तरह का सामान बरामद हुआ था। इस बरामदगी से तमाम एजेंसियां सकते में हैं।