Anant Chaturdashi 2022: इस साल अनंत चतुर्दशी 9 सितंबर 2022 को है। इस दिन गणपति विसर्जन होता है। साथ ही भगवान विष्णु की आराधना की जाती है। भगवान विष्णु के भक्त आज के दिन व्रत रखते हैं और पूजा करते हैं। मान्यता है कि भगवान विष्णु सौरमंडल के गृह गुरु का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में जो लोग अनंत चतुर्दशी की पूजा करते हैं, उनके गुरु ग्रह को शांत किया जा सकता है। विष्णु पुराण के मुताबिक, इस दिन अनंत सूत्र बांधने से सारी बाधाएं दूर होती हैं। भगवान विष्णु को लेकर कई कथाएं प्रचलित हैं। जब जब धरती पर पाप और अधर्म बढ़ा, श्रीहरि ने पृथ्वी पर अवतार लिया और दुष्टों का नाश किया। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण विष्णु भगवान के ही प्रसिद्ध अवतारों में से एक हैं। इस अनंत चतुर्दशी भगवान विष्णु से जुड़े रोचक तत्वों के बारे में जानें, जिन्हें अपनाकर आपका जीवन बदल सकता है।
Anant Chaturdashi 2022: भगवान विष्णु से जुड़ी इन रोचक बातों से लें जीवन जीने की सीख
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मोर पंख प्रिय
भगवान विष्णु के मुकुट पर मोर पंख लगा नजर आता है। विष्णु के एक अवतार श्रीकृष्ण थे। मोर पंख श्रीकृष्ण का प्रिय था, जिसे वह हमेशा अपने मुकुट पर धारण करते थे। ऐसे में माना जाता है कि भगवान विष्णु मे मोर पंख श्रीकृष्ण से लिया था।
विश्राम अवस्था में विष्णु जी
विष्णु जी की कल्पना करते हैं तो अक्सर आपके जेहन में वह रूप आता होगा, जिसमें भगवान विष्णु शेषनाग पर लेटे हुए विश्राम अवस्था में नजर आते हैं। माना जाता है कि भगवान विष्णु का यह रूप दिखाता है कि मनुष्य जाति को सुख और खुशियों के साथ समस्याओं से भी गुजरना पड़ता है।
विष्णु जी के चार हाथ
भगवान विष्णु के स्वरूप में आपको चार हाथ देखने को मिलते हैं, जो जीवन के चार चरणों को दर्शाते हैं। पहला हाथ, ज्ञान की खोज, दूसरा हाथ- पारिवारिक जीवन को दर्शाता है। तीसरा- वन में वापसी और विष्णु जी का चौथा हाथ संन्यास जीवन को दर्शाता है।
विष्णुजी का अस्त्र
भगवान विष्णु का अमोघ अस्त्र सुदर्शन चक्र है, जो कई असुरों के वध में अहम भूमिका में रहा। सुदर्शन चक्र को दूरदर्शिता और दृढ़ संकल्प का प्रतीक माना जाता है।