जोड़ों में दर्द की दिक्कत को क्या आप अब भी बुजुर्गों की बीमारी मानते आ रहे हैं? आंकड़े बताते हैं कि अब कम उम्र के लोग यहां तक कि किशोरों में भी ये समस्या बढ़ती जा रही है। घुटनों में दर्द, सीढ़ियां चढ़ते समय परेशानी, सुबह उठते ही शरीर में अकड़न या थोड़ी दूर चलने पर पैरों में दर्द की दिक्कत वाले लोगों को आप भी जरूर जानते होगें।
Joints Pain: जोड़ों के दर्द को न बनने दें अपनी कमजोरी, विशेषज्ञों ने बताया आर्थराइटिस से बचाने वाला तरीका
आर्थराइटिस यानी गठिया की समस्या में दर्द और अकड़न की वजह से कई लोगों का चलना-फिरना तक मुश्किल हो जाता है। ऐसे में अक्सर लोग सोचते हैं कि ज्यादा आराम करने से दर्द कम होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर समय बैठे या लेटे रहना भी जोड़ों की परेशानी को बढ़ा सकता है?
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नियमित योग-व्यायाम से पा सकते हैं आराम
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण अब कम उम्र के लोग भी गठिया और हड्डियों की समस्याओं का शिकार हो रहे हैं। यदि हम सभी दिनचर्या में योग-व्यायाम को शामिल कर लें तो इससे संबंधित जोखिमों को कई गुना तक कम किया जा सकता है। नियमित व्यायाम संपूर्ण फिटनेस के लिए आवश्यक है।
अध्ययनों में पाया गया है कि किसी भी उम्र में व्यायाम को शुरू करके अपने जोखिम को कम किया जा सकता है।
- युवा से लेकर बुजुर्ग तक सभी को दिनचर्या में व्यायाम-योग को जरूर शामिल करना चाहिए, ये आपको दीर्घकालिक रूप में हड्डियों से संबंधित समस्याओं से बचाने में मदद करते हैं।
- वॉकिंग-साइकिलिंग, तैराकी जैसे अभ्यास भी गठिया और हड्डियों से संबंधित समस्याओं के जोखिम को कम करने में आपके लिए मददगार हो सकते हैं।
- इस तरह के अभ्यास गठिया वाले लोगों को डायबिटीज, हृदय रोग और मोटापे जैसी क्रोनिक समस्याओं को कंट्रोल करने में भी मदद कर सकते हैं।
एरोबिक व्यायाम सबसे अच्छे
एरोबिक व्यायाम को आर्थराइटिस से बचाने में सबसे कारगर पाया गया है। इसमें तेज गति से चलना, साइकिल चलाना, तैराकी और डांसिंग शामिल हैं। इस तरह की गतिविधियां मांसपेशियों और हड्डियों को स्वस्थ रखने और शरीर में रक्त संचार को बढ़ाने में काफी लाभकारी माने जाते हैं।
इस तरह के अभ्यास सभी उम्र के लोग आसानी से करके कई प्रकार के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभ पा सकते हैं।
गठिया से बचने के लिए इन बातों का भी रखें ध्यान
गठिया में सिर्फ दवा और एक्सरसाइज ही जरूरी नहीं हैं, खाने-पीने की आदतें भी जोड़ों की सेहत में सुधार कर सकती हैं।
- ओमेगा-3 वाली चीजें जैसे अलसी के बीज, अखरोट और फैटी फिश शरीर में सूजन से जुड़ी दिक्कतों को कम कर सकती हैं।
- रंग-बिरंगी सब्जियां और फल खाएं। इनसे एंटीऑक्सीडेंट और दूसरे जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं।
- ओट्स, ब्राउन राइस, जौ फाइबर का स्रोत हैं जो वजन को मैनेज करने में मदद करते हैं।
- घुटनों के गठिया में वजन ज्यादा होने से जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इसलिए बहुत ज्यादा कैलोरी, मीठे पेय वाली चीजों से परहेज करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।