Bhagat Singh Jayanti 2022: भारत आज दुनिया के विकसित और ताकतवर देशों के साथ एक मंच पर गर्व के साथ खड़ा नजर आता है। भारतीय नेता, उद्योगपति, खिलाड़ी या कोई आम देशवासी हो, सभी को विश्व के अन्य देशों के नागरिकों की तरह ही समान अधिकार मिले हैं। लेकिन आज भारत जिस मुकाम पर है, उसका सबसे बड़ा श्रेय देश की उन वीर शहीदों और क्रांतिकारियों को जाता है, जिन्होंने अंग्रेजों की गुलामी की जंजीरों से भारत को आजादी दिलाई। आजादी का मतलब क्या है, यह हमें इसी मिट्टी में जन्में उन क्रांतिकारियों ने समझाया, जिन्होंने भले ही अपनी जान को हंसते हंसते बलिदान कर दिया लेकिन भारत का गर्व कम नहीं होने दिया। भारत पर कई साल अंग्रेजों ने हुकूमत की। खुद के ही देश में भारतीय अंग्रेजों के नियम कानूनों का पालन करते थे। लेकिन भगत सिंह और तमाम स्वतंत्रता सेनानियों ने आजादी की लौ को आग बना दिया। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा खोला। अंग्रेज भी उनसे डर गए, इसलिए भगत सिंह को तय तारीख से पहले ही गुपचुप तरीके से फांसी दे दी।
Bhagat Singh Jayanti 2022: शहीद भगत सिंह के क्रांतिकारी विचार
सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
देखना है जोर कितना बाजु-ए-कातिल में है।
भगत सिंह
कानून की पवित्रता तभी
तक बनी रह सकती है
जब तक वो लोगों की
इच्छा की अभिव्यक्ति करे।
भगत सिंह
जिंदगी तो अपने दम पर ही जी जाती है,
दूसरों के कंधों पर तो सिर्फ जनाजे उठाए जाते हैं।
भगत सिंह
राख का हर एक कण
मेरी गर्मी से गतिमान है
मैं एक ऐसा पागल हूं
जो जेल में भी आजाद है।
भगत सिंह