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Jallianwala Bagh Massacre Anniversary: जलियांवाला बाग नरसंहार का दोषी कौन? जानें 13 अप्रैल 1919 की पूरी कहानी
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Sun, 12 Apr 2026 05:07 PM IST
सार
Jallianwala Bagh Massacre Anniversary: पंजाब के अमृतसर में जलियांवाला बाग नाम की एक जगह है, जहां 13 अप्रैल 1919 के दिन अंग्रेजों ने कई भारतीयों पर गोलियां बरसाई थीं। इस नरसंहार का दोषी कौन था, आइए आपको बताते हैं।
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जलियांवाला बाग नरसंहार का दोषी कौन?
- फोटो : अमर उजाला
Jallianwala Bagh Massacre Anniversary: 13 अप्रैल का दिन भारतीय इतिहास में हमेशा एक गहरे दर्द और शहादत की याद दिलाता है। इसी दिन 1919 में पंजाब के अमृतसर में जलियांवाला बाग में ब्रिटिश हुकूमत के सैनिकों ने निर्दोष भारतीयों पर गोलियां चलाकर नृशंस हत्या की। यह नरसंहार बैसाखी के अवसर पर आयोजित शांतिपूर्ण सभा में शामिल महिलाओं, बच्चों और बूढ़ों तक को नहीं बख्शा गया।
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जलियांवाला बाग नरसंहार का दोषी कौन?
- फोटो : Adobe
कैसे हुआ था ये नरसंहार
13 अप्रैल 1919 को पंजाब के अमृतसर में जलियांवाला बाग नरसंहार हुआ। उस दिन रोलेट एक्ट और सत्यपाल-सैफुद्दीन की गिरफ्तारी के विरोध में हजारों लोग सभा में शामिल हुए। बैसाखी का त्यौहार होने के कारण परिवार के कई सदस्य भी वहां थे। अंग्रेजों ने इसे विद्रोह की आशंका के रूप में देखा। ब्रिगेडियर जनरल रेजिनॉल्ड डायर ने अपने 90 सैनिकों के साथ बाग को घेर लिया और बिना किसी चेतावनी के गोलियां चलाना शुरू कर दिया।
13 अप्रैल 1919 को पंजाब के अमृतसर में जलियांवाला बाग नरसंहार हुआ। उस दिन रोलेट एक्ट और सत्यपाल-सैफुद्दीन की गिरफ्तारी के विरोध में हजारों लोग सभा में शामिल हुए। बैसाखी का त्यौहार होने के कारण परिवार के कई सदस्य भी वहां थे। अंग्रेजों ने इसे विद्रोह की आशंका के रूप में देखा। ब्रिगेडियर जनरल रेजिनॉल्ड डायर ने अपने 90 सैनिकों के साथ बाग को घेर लिया और बिना किसी चेतावनी के गोलियां चलाना शुरू कर दिया।
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जलियांवाला बाग नरसंहार का दोषी कौन?
- फोटो : Adobe
जनरल रेजिनॉल्ड डायर के आदेश पर ब्रिटिश सैनिकों ने महज 10 मिनट में कुल 1650 राउंड गोलियां चलाईं। इस दौरान जलियांवाला बाग में मौजूद लोग उस मैदान से बाहर नहीं निकल सकते थे, क्योंकि बाग के चारों तरफ मकान बने थे
जलियांवाला बाग नरसंहार का दोषी कौन?
- फोटो : Adobe
लोगों के पास भागने का कोई रास्ता नहीं था। चारों तरफ ऊँचे मकान थे और केवल एक संकरा रास्ता था। कई लोग कुएं में कूद गए, जो जल्दी ही लाशों से भर गया। इस नरसंहार में मरने वालों की संख्या निश्चित नहीं है, लेकिन ब्रिटिश दस्तावेजों के अनुसार 379 लोग मरे और 200 घायल हुए। अनाधिकारिक आंकड़ों में करीब 1000 लोगों की शहादत और 2000 से अधिक लोग घायल हुए।
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जलियांवाला बाग नरसंहार का दोषी कौन?
- फोटो : Adobe
जनरल डायर ही था दोषी
जनरल डायर की क्रूरता ने भारतीय जनता में गुस्सा और क्रांति की भावना को और तेज कर दिया। जलियांवाला बाग नरसंहार भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक ऐसा काला अध्याय है जो ब्रिटिश अत्याचार और निर्दयता का प्रतीक बन गया। आज इस स्थल पर स्मारक स्थापित है, जो हर भारतीय को याद दिलाता है कि स्वतंत्रता के लिए कितने बेकसूर लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी।
जनरल डायर की क्रूरता ने भारतीय जनता में गुस्सा और क्रांति की भावना को और तेज कर दिया। जलियांवाला बाग नरसंहार भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक ऐसा काला अध्याय है जो ब्रिटिश अत्याचार और निर्दयता का प्रतीक बन गया। आज इस स्थल पर स्मारक स्थापित है, जो हर भारतीय को याद दिलाता है कि स्वतंत्रता के लिए कितने बेकसूर लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी।