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Alert: देश की 70% आबादी में इस जरूरी विटामिन की कमी, आप भी तो नहीं हैं शिकार? जानें बचाव के तरीके

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sun, 01 Feb 2026 06:32 PM IST
सार

विटामिन डी की कमी न सिर्फ हड्डियों को कमजोर करती है, बल्कि इम्यून सिस्टम, मांसपेशियों और मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है। बदलती लाइफस्टाइल, धूप में कम रहना और गलत खानपान इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं।

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70% indian population suffering from Vitamin D deficiency know its causes and health effects
विटामिन-डी की कमी से होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं - फोटो : Adobe stock

अच्छी सेहत के लिए सबसे जरूरी चीज है पोषक तत्वों से भरपूर आहार का नियमित सेवन करना। इससे शरीर को बेहतर तरीके से काम करते रहने के लिए आवश्यक विटामिन्स और जरूरी पोषक तत्व प्राप्त होते हैं। हालांकि खराब जीवनशैली और खान-पान की आदतों में गड़बड़ी के कारण भारतीय आबादी कई प्रकार के विटामिन्स और मिनरल्स की कमी से जूझ रही है।



आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि देश की 57% से ज्यादा महिलाएं आयरन की कमी के कारण होने वाली एनीमिया का शिकार हैं। इसी तरह से लोगों में बढ़ती विटामिन-डी की कमी भी गंभीर चिंता का कारण बनी हुई है। 

भारत जैसे देश में जहां साल के लगभग हर महीने में धूप रहती है, बावजूद इसके देश की 70-80% आबादी में विटामिन-डी की कमी देखी जा रही है। सूर्य की रोशनी को इस विटामिन की सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिन लोगों में विटामिन-डी की कमी होती हैं उनमें कई तरह की बीमारियों और स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। 

कहीं आप भी तो इसका शिकार नहीं हैं? आइए इस समस्या के बारे में विस्तार से जान लेते हैं।

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विटामिन-डी क्यों जरूरी है? - फोटो : Freepik.com

हर 5 में से 4 भारतीय को विटामिन-डी की कमी

विटामिन-डी शरीर के लिए सबसे जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। इसकी कमी न सिर्फ हड्डियों को कमजोर करती है, बल्कि इम्यून सिस्टम, मांसपेशियों और मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है। खराब लाइफस्टाइल, धूप में कम रहने और गलत खानपान के कारण भारतीय आबादी में इस जरूरी पोषक तत्व की कमी होती जा रही है।

 

 

 

 

 

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फोर्टिस हॉस्पिटल दिल्ली में गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट और हेपेटोलॉजिस्ट के डॉक्टर शुभम वत्सय कहते हैं, हर 5 में से 4 भारतीय विटामिन-डी की कमी से जूझ रहे हैं। विटामिन-डी एक हार्मोन जैसा पोषक तत्व है जो शरीर में कई सिस्टम को एक साथ काम करने में मदद करता है। जब इसकी कमी होती है, तो शरीर का पूरी सिस्टम प्रभावित हो सकता है। देश में बच्चों से लेकर बुजर्गों तक में बढ़ती विटामिन-डी की कमी गंभीर चिंता का कारण बनती जा रही है।
 

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हड्डियों की कमजोरी के कारण - फोटो : Freepik.com

विटामिन-डी की कमी का शरीर पर क्या असर होता है?

विटामिन-डी शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है इसे सनशाइन विटामिन भी कहा जाता है। ये विटामिन शरीर में कैल्शियम और फॉस्फोरस के अवशोषण में मदद करता है जो हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत रखने के लिए जरूरी है। इम्यून सिस्टम को ठीक रखने और कई हार्मोनल प्रक्रियाओं को संतुलित रखने के लिए भी विटामिन-डी जरूरी है। जब शरीर में विटामिन-डी की कमी हो जाती है, तो इसका असर सिर्फ हड्डियों पर नहीं बल्कि पूरे शरीर पर दिखाई देता है। 


हड्डियां होने लगती हैं कमजोर

विटामिन-डी की कमी होने पर शरीर कैल्शियम को ठीक से इस्तेमाल नहीं कर पाता, जिससे हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं। लंबे समय तक कमी रहने पर ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके कारण मामूली गिरने या चोट लगने पर भी फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। बुजुर्गों और महिलाओं में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है।

  • बच्चों में विटामिन-डी की कमी से रिकेट्स नामक बीमारी हो सकती है, जिसमें हड्डियों का सही विकास नहीं हो पाता। 
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इम्युनिटी कमजोर होने के क्या कारण हैं? - फोटो : Adobe stock photos

इम्युनिटी पर भी पड़ता है असर

विटामिन-डी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे संक्रमण से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। इसकी कमी होने पर व्यक्ति बार-बार सर्दी, खांसी, फ्लू और अन्य संक्रमणों का शिकार हो सकता है। 
 

  • जिन लोगों में विटामिन-डी का स्तर कम होता है, उनमें वायरल और बैक्टीरियल इंफेक्शन का खतरा ज्यादा रहता है। 
  • कमजोर इम्युनिटी के कारण बीमारियों से रिकवरी में भी ज्यादा समय लग सकता है। 
  • बदलते मौसम में बार-बार बीमार पड़ना विटामिन-डी की कमी का संकेत हो सकता है।
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हृदय स्वास्थ्य की समस्याएं - फोटो : Adobe Stock Photo

हृदय की सेहत पर भी पड़ता है असर

विटामिन-डी की कमी को हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर और टाइप-2 डायबिटीज जैसी क्रॉनिक बीमारियां भी हो सकती हैं। 
 

  • विटामिन-डी शरीर में सूजन को नियंत्रित करने और ब्लड वेसल्स को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
  • इसकी कमी से शरीर में सूजन बढ़ सकती है, जो दिल की बीमारियों का एक बड़ा कारण मानी जाती है।
  • जिन लोगों में विटामिन-डी स्तर कम होता है उनमें हाई ब्लड प्रेशर के कारण हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा भी अधिक हो सकता है।
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