Leg Pain and Swelling Kidney Link: किडनी हमारे शरीर का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है, जो खून को छानने और शरीर से जहरीले पदार्थों को बाहर निकालने का काम करती है। अक्सर हम पैरों के दर्द को थकान या मांसपेशियों की खिंचाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, पैरों में दर्द और सूजन किडनी की बीमारी का एक शुरुआती और गंभीर चेतावनी संकेत हो सकता है।
Kidney: पैरों में दर्द के साथ दिख रहे हैं ये लक्षण, कहीं ये किडनी फेलियर का संकेत तो नहीं?
Signs of Kidney Failure in Legs: हमारे देश की एक बड़ी आबादी किडनी फेलियर से जुड़ी समस्याओं से परेशान है। ऐसा होने के पीछे कई कारण है, मगर ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर समय रहते इस बीमारी का पहचान कर लिया जाए तो इसे ठीक किया जा सकता है। इसलिए आइए इस लेख में किडनी फेलियर के शुरुआती लक्षणों के बारे में जानते हैं।
पैरों में सूजन और 'पिटिंग एडिमा' की पहचान
किडनी की कार्यक्षमता घटने पर शरीर में पानी रुकने लगता है। अगर आप अपने पैरों की सूजन वाली जगह को उंगली से दबाते हैं और वहां गड्ढा बन जाता है जो देर से भरता है, तो इसे 'पिटिंग एडिमा' कहते हैं। यह इस बात का संकेत है कि आपकी किडनी अतिरिक्त तरल पदार्थ को बाहर निकालने में असमर्थ है। यह स्थिति अक्सर सुबह के समय आंखों के नीचे सूजन और शाम तक पैरों में भारीपन के रूप में दिखाई देती है।
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पेशाब में बदलाव और त्वचा पर खुजली
किडनी फेलियर की ओर बढ़ने पर पेशाब की मात्रा या रंग में बदलाव आना सामान्य है। अगर पेशाब में झाग (फोम) आ रहा है, तो यह 'प्रोटीनूरिया' का संकेत है, जिसका मतलब है कि किडनी प्रोटीन को नहीं रोक पा रही है। इसके अलावा, खून में जहरीले तत्वों के जमा होने से पूरे शरीर और पैरों में तेज खुजली हो सकती है। यह खुजली अक्सर रात में बढ़ जाती है और किसी भी क्रीम से ठीक नहीं होती।
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खून की कमी और मांसपेशियों में ऐंठन
किडनी 'एरिथ्रोपोइटिन' नामक हार्मोन बनाती है जो रेड ब्लड सेल्स के निर्माण में मदद करता है। किडनी खराब होने पर इस हार्मोन की कमी हो जाती है, जिससे व्यक्ति एनीमिया का शिकार हो जाता है।
खून की कमी और इलेक्ट्रोलाइट्स (जैसे कैल्शियम और फास्फोरस) का संतुलन बिगड़ने से पैरों की मांसपेशियों में अचानक तेज ऐंठन और दर्द होने लगता है। अगर आप बिना मेहनत किए भी पैरों में कमजोरी और दर्द महसूस करते हैं, तो डॉक्टर से मिलकर अपने लक्षण को बताएं और उनकी सलाह पर किडनी फंक्शन टेस्ट कराएं।
समय पर जांच और बचाव के उपाय
किडनी एक 'साइलेंट किलर' की तरह काम करती है, क्योंकि इसके लक्षण तब तक स्पष्ट नहीं होते जब तक कि यह 70-80% डैमेज न हो जाए। इसलिए, हाई बीपी और डायबिटीज के मरीजों को अपने पैरों की सूजन और दर्द पर विशेष ध्यान देना चाहिए। कम नमक वाला भोजन, पर्याप्त पानी और नियमित व्यायाम किडनी को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। ध्यान रखें, पैरों का मामूली दिखने वाला दर्द आपके शरीर के सबसे महत्वपूर्ण फिल्टर के खराब होने का अलार्म हो सकता है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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