उम्र बढ़ने के साथ त्वचा और चेहरे पर इसका असर साफ तरीके से नजर आने लगता है। चेहरे पर झुर्रियां आ जाना, त्वचा में ढीलापन और चेहरे की चमक कम होना उम्र बढ़ने के साथ नजर आने वाले स्पष्ट लक्षण हैं। इस तरह की समस्याओं से बचने के लिए हम सभी तमाम प्रकार के कैमिकल युक्त क्रीम और ब्यूटी उत्पादों को प्रयोग में लाते रहते हैं। हालांकि कई अध्ययनों में पाया गया है कि जिस प्रकार से इन उत्पादों में रसायन और प्रतिबंधित तत्व पाए गए हैं ऐसे में इसके कारण शरीर को दीर्घकालिक तौर पर कई प्रकार की समस्याएं होने का जोखिम हो सकता है, इस बारे में सभी लोगों को सावधानी बरतने का आवश्यकता है।
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एलोवेरा में एंटी-एजिंग गुण
वर्षों से एक शक्तिशाली एंटी-ऑक्सीडेंट के तौर पर एलोवेरा को प्रयोग में लाया जाता रहा है, इसमें मौजूद कई सक्रिय एंजाइम, खनिज और विटामिन त्वचा को स्वस्थ और जवां बनाए रखने में आपके लिए विशेष लाभकारी माने जाते हैं।
एनल्स ऑफ डर्मेटोलॉजी जर्नल में प्रकाशित साल 2009 के एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने 45 वर्ष से अधिक उम्र की 30 स्वस्थ महिलाओं में झुर्रियों और त्वचा की अन्य समस्याओं को कम करने के लिए एलोवेरा के प्रभाव को जानने की कोशिश की। 90 दिनों के इस अध्ययन के बाद पाया गया कि एलोवेरा का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं की त्वचा में बेहतर सुधार देखा गया।
त्वचा के लिए लाभकारी है शहद
शोधकर्ताओं ने पाया कि शहद को चेहरे पर लगाना और इसका सेवन करना दोनों ही त्वचा की समस्याओं में लाभकारी हो सकता है। शहद त्वचा की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद कर सकता है। यह झुर्रियों को बनने से रोकने में मदद कर सकता है जिससे उम्र बढ़ने के साथ भी त्वचा जवां दिखती है। त्वचा में संक्रमण के खतरे को रोकने में भी शहद लगाने के फायदे देखे गए हैं।
खीरा है बेहद लाभकारी
खीरा को त्वचा से संबंधित कई तरह की समस्याओं को दूर करने में प्रभावी पाया गया है। खीरे में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, साथ ही इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट, विटामिन-सी और फोलिक एसिड जैसे पोषक तत्व त्वचा को स्वस्थ रखने और इससे संबंधित विकारों को कम करने में विशेष लाभकारी हो सकते हैं। साल 2011 के एक अध्ययन में पाया गया है कि खीरे में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट घटक इसे संभावित रूप से सहायक एंटी-रिंकल बनाते हैं, जिससे त्वचा से संबंधित कई प्रकार के विकारों का खतरा कम होता है।
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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।