डायबिटीज एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है जिसका खतरा किसी भी उम्र में हो सकता है। ब्लड शुगर बढ़े रहने की ये बीमारी शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को गंभीर क्षति पहुंचा सकती है। डायबिटीज रोगियों में हृदय रोग, आंखों की रोशनी कम होने, किडनी की बीमारी का जोखिम अधिक होता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को नियमित रूप से डायबिटीज से बचाव करने और ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल में रखने वाले उपाय करते रहने की सलाह देते हैं।
Diabetes Diet: डायबिटीज रोगियों को चावल खाना चाहिए या नहीं? चल गया पता
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सफेद चावल में कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट
डाइटरी रिपोर्ट्स से पता चलता है कि दुनियाभर में कैलोरी इंटेक का 20% चावल के माध्यम से होता है। जिसमें अधिकांश लोग सफेद चावल का सेवन करते हैं। आहार विशेषज्ञ बताते हैं, सफेद चावल में भरपूर कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा होती है। एक कप चावल में करीब 200-240 कैलोरी और 45-50 ग्राम कार्बोहाइड्रेट हो सकता है। वैसे तो हमें शारीरिक शक्ति के लिए कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट दोनों की जरूरत होती है पर इससे कई नुकसान भी हो सकते हैं।
टाइप 2 डायबिटीज में चावल खाएं या नहीं?
वर्तमान डाइटरी गाइडलाइंस कहती है, डायबिटीज रोगियों को सफेद चावल और अन्य रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट का सेवन कम करके आहार में हाई फाइबर और लो ग्लाइसेमिक-इंडेक्स वाली चीजों को शामिल करना चाहिए।
डायबिटीज केयर जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को कम करने के लिए दैनिक आहार में सफेद चावल की मात्रा कम रखने और अपनी प्लेट को विभिन्न प्रकार के साबुत अनाज, फल, सब्जियों से भरने की सलाह दी है।
अध्ययन में क्या पता चला?
साल 2021 के एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि जिन प्रतिभागियों ने सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस का सेवन किया और उनका वजन कम हुआ और उनके गुड (एचडीएल) कोलेस्ट्रॉल के स्तर में भी सुधार हुआ।
हालांकि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ज्यादातर अध्ययनों से यह साबित नहीं होता है कि सफेद चावल खाने से मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि इस बात पर आम सहमति है कि साबुत अनाज खाने से यह खतरा कम हो सकता है।
चावल खाना चाहिए या नहीं?
अध्ययनों के आधार पर आहार विशेषज्ञ कहते हैं, अगर भोजन में चावल के साथ साबुत अनाज, फाइबर, फल-सब्जियों की पर्याप्त मात्रा है तो इससे शुगर बढ़ने का खतरा कम होता है। हालांकि आपको डायबिटीज में चावल खाना चाहिए या नहीं इस बारे में अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
शुगर को कंट्रोल रखने के लिए कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें कम खानी चाहिए। सफेद चावल में दोनों की अधिकता होती है। कई शोध सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस के सेवन को अधिक लाभकारी मानते हैं।
--------------
स्रोत और संदर्भ
The effect of a brown-rice diets on glycemic control and metabolic parameters in prediabetes and type 2 diabetes mellitus: a meta-analysis of randomized
controlled trials and controlled clinical trials
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।