कैंसर, वैश्विक स्तर पर सबसे गंभीर और जानलेवा बीमारियों में से एक है। हर साल लाखों लोगों की इसके कारण मौत हो जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कैंसर से होने वाली मौत के लिए समय पर स्थिति का निदान और इलाज न हो पाने को प्रमुख कारण के तौर पर जाना जाता है। ज्यादातर लोग इसके लक्षणों को समय रहते समझ नहीं पाते हैं जिसके कारण कैंसर का पता ही आखिर के चरणों में चल पाता है, जिससे इलाज और रोगी के बचने की संभावना जटिल और कम हो जाती है।
Cancer Symptoms: लंबे समय से बना हुआ है पीठ में दर्द, कहीं यह कैंसर का संकेत तो नहीं?
कैंसर में पीठ दर्द की समस्या
कैंसर के कारणों को जानने के लिए किए गए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि कुछ प्रकार के कैंसर कारक ट्यूमर, रीढ़ की हड्डी या इसके आसपास विकसित हो सकते हैं, इससे कैंसर होने का खतरा रहता है। अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ न्यूरोलॉजिकल सर्जन (एएएनएस) के शोधकर्ता बताते हैं, कैंसर से पीड़ित 30 से 70 प्रतिशत लोगों का कैंसर रीढ़ तक फैल जाता है, जिसके कारण पीठ में दर्द होने काफी सामान्य संकेत है।
फेफड़े और स्तन कैंसर के मामलों में इस तरह की समस्या होने का खतरा अधिक होता है, ऐसे में यदि आपको भी लंबे समय से पीठ में दर्द की समस्या बनी हुई है तो इस बारे में किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें। आइए जानते हैं कि किस प्रकार के कैंसर में पीठ में दर्द की दिक्कत हो सकती है?
फेफड़ों के कैंसर का संकेत
एएएनएस की रिपोर्ट से पता चलता है कि फेफड़े का कैंसर सबसे आम कैंसर में से एक है जिसके रीढ़ तक फैलने का खतरा अधिक होता है है। फेफड़े का ट्यूमर रीढ़ की हड्डी पर दबाव डाल सकता है, जिससे पीठ के निचले हिस्से में तंत्रिका संचरण प्रभावित हो जाता है। इस प्रकार की जटिलताओं के कारण पीठ के निचले हिस्से में दर्द के अलावा थकान, सांस लेने में तकलीफ और खांसी के साथ खून जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। पीठ में दर्द के साथ अगर आपको इस तरह की समस्या बनी हुई है तो तुरंत किसी विशेष से सलाह ले लें।
गैस्ट्रोइंटस्टाइनल ट्रैक्ट में कैंसर
गैस्ट्रोइंटस्टाइनल ट्रैक्ट जैसे पेट, कोलन और मलाशय के कैंसर में भी रोगियों ने पीठ के निचले हिस्से में दर्द की समस्या के बारे में शिकायत की है। यह दर्द कैंसर वाली जगह से पीठ के निचले हिस्से तक फैलता है। इस प्रकार के कैंसर वाले रोगियों को अचानक वजन कम होना या मल से खून आने की समस्या भी बनी रहती है। पेट से संबंधित इस प्रकार के कैंसर का खतरा काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है, समय रहते इन लक्षणों पर ध्यान देकर गंभीर स्थतियों से बचाव किया जा सकता है।
स्तन कैंसर का खतरा
स्तन कैंसर के कुछ मामलों में भी रोगियों ने पीठ में दर्द की समस्या के बारे में जानकारी दी। फेफड़ों के कैंसर की तरह, कुछ प्रकार के स्तन कैंसर में भी ट्यूमर उन नसों पर दबाव डाल सकते हैं जो रीढ़ तक जाती हैं, इससे दर्द होने का खतरा रहता है।
डॉक्टर्स कहते हैं इस तरह के संकेतों पर अगर प्रारंभ में ही ध्यान देकर स्थिति का सही निदान कर लिया जाए तो कैंसर के बढ़ने के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। स्तन कैंसर के अलावा रीढ़ की हड्डी या इसके आसपास ट्यूमर या कैंसर कारक कोशिकाओं में वृद्धि के कारण भी पीठ दर्द हो सकता है, हालांकि यह स्थिति काफी दुर्लभ मानी जाती है। पीठ दर्द पर हमेशा गंभीरता से ध्यान दिए जाने की आवश्यकता होती है।
---------------
स्रोत और संदर्भ
Loneliness associated with double the risk of developing diabetes
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
