जानें कोवीशील्ड वैक्सीन की दोनों खुराक में क्यों रखा गया है 12 हफ्तों का गैप? अन्य देशों में कितना है डोज में अंतराल
ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया द्वारा दी गई प्रारंभिक अनुमति के अनुसार, कोवैक्सीन की पहली से दूसरी खुराक के बीच का अंतराल चार से छह सप्ताह जबकि कोवीशील्ड वैक्सीन की खुराक में यह अंतराल छह से आठ सप्ताह का होना चाहिए। अब कोवीशील्ड के इस अंतराल को और बढ़ाते हुए 12 से 16 हफ्ते कर दिया गया है। तीन महीने में यह दूसरी बार है जब कोवीशील्ड की डोज के अंतराल को बढ़ाया गया है। इससे पहले मार्च में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने 28 दिनों के अंतराल को बढ़ाकर छह-आठ सप्ताह करने की बात की थी।
क्या कहते हैं वैक्सीन निर्माता कंपनी के सीईओ
Gap between 2 doses of #CovishieldVaccine has been increased to 12-16 weeks from 6-8 weeks currently.
कोवीशील्ड वैक्सीन की निर्माता कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वैक्सीन की डोज में बढ़ाया गया अंतराल इसकी प्रभावकारिता और प्रतिरक्षात्मकता, दोनों ही दृष्टिकोणों से फायदेमंद है। अंतर को बढ़ाने का फैसला वैज्ञानिक दृष्टि से अच्छा है। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने ट्वीट के माध्यम से भी अंतराल को बढ़ाने की पुष्टि की है।
Decision has been taken based on recommendations given by COVID working group after analysing emerging evidence.@PMOIndia @MoHFW_INDIA #Unite2FightCorona pic.twitter.com/kRbbjxGKSJ
वैक्सीन की बढ़ जाएगी प्रभाविकता
अमर उजाला से बातचीत में आकाश हेल्थकेयर के डिपार्टमेंट ऑफ इंटरनल मेडिसिन में सीनियर कंसल्टेंट डॉ विक्रमजीत सिंह ने इस निर्णय को सेहत के हिसाब से बेहद फायदेमंद बताया है। डॉ विक्रमजीत कहते हैं कि वैक्सीन की पहली डोज के बाद अगर दूसरी डोज 4 हफ्तों के बाद दी जाती है तो इस प्रभाविकता 65 फीसदी के करीब देखी गई है, वहीं अगर इस गैप को 8 से 12 हफ्तों का कर दिया जाए तो वैक्सीन की प्रभाविकता 80 फीसदी के करीब की हो जाती है। इस दृष्टि से यह फैसला काफी बेहतर है।
इम्यूनिटी बढ़ाने के हिसाब से बेहतर फैसला
इसी तरह दिल्ली में कोविड को लेकर काम कर रहे स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ रविन्द्र डबास कहते हैं कि आईसीएमआर पहले से ही डोज के अंतराल को बढ़ाने का सुझाव देता रहा है। अंतराल बढ़ाने को लेकर कई अध्ययनों में भी दावा किया जाता रहा है कि इससे इम्यूनिटी और मजबूत करने में मदद मिल सकेगी। यह फैसला कई मायनों में फायदेमंद हो सकता है।
