Medically reviewed by Dr. Vishesh Akole
डॉ विशेष अकोले, जनरल फिजिशियन
संत रविदास हॉस्पिटल, इंदौर
डिग्री- एम.बी.बी.एस
अनुभव- 28 वर्ष
इन दिनों बुखार आने पर कई लोग तो बहुत डर जाते हैं और कई लोग इसे नजरअंदाज करते हैं। ऐसे में दोनों ही तरह के लोगों के लिए बहुत आवश्यक है कि उपचार के साथ ही वे छोटी-छोटी गलतियां न करें। कई लोग दवाई लेने के साथ ही सामान्य गलतियां कर देते हैं जो कि सीधा रोग-प्रतिरोधक क्षमता पर प्रभाव डालती हैं, रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है। जिससे कि कई बार बुखार बार-बार आता है, जुकाम भी हो सकता है इसलिए बुखार आने पर यदि आप भी करते हैं ये गलतियों तो हो सकती है मुश्किल।
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सुबह तक फिर बुखार आ सकता है
- फोटो : Social media
एयर कंडीशनर में सोना
गर्मी के मौसम में लोगों को एयरकंडीशनर में सोने की आदत होती है। ऐसे में यदि बुखार आ रहा-जा रहा है तो गलती से भी एयरकंडीशनर में न सोएं। एयरकंडीशनर में सोने पर शरीर का तापमान काफी घट जाता है जिसके बाद नाक और गले पर बुरा प्रभाव पड़ता है। लंबे समय तक ठंडे वातावरण में सोने से रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर होती है। एयर कंडीशनर में सोते रहने से सुबह तक फिर बुखार आ सकता है।
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अपने बिस्तर, टॉयलेट आदि को साफ रखें
- फोटो : social media
साफ-सफाई का ध्यान न रखना
बुखार आने पर यदि आप साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखते हैं तो बार-बार बुखार आने की संभावना बनती है इसलिए बुखार आने पर अपने बिस्तर, टॉयलेट आदि को साफ रखें। कई लोग बुखार आने पर नहाते नहीं हैं, जो कि ठीक नहीं है। बुखार आने पर शरीर से पसीना निकलता है जिसमें बुरे जीवाणु होते हैं इसलिए जरूरी है कि शरीर को साफ रखें।
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खुद का रूमाल उपयोग में लें
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छींकने के बाद किसी भी कपड़े से हाथ पोंछना
कई लोगों की आदत होती है कि बुखार के दौरान यदि छींक आती है तो मुंह पर कोई कपड़ा लगाने की बजाय हाथ लगा लेते हैं इसलिए बहुत जरूरी है कि आप हाथों की बजाय खुद का रूमाल उपयोग में लें और यदि हाथ पर छींक आ गई है तो किसी भी कपड़े से उस हाथ को न पोछें क्योंकि उस कपड़े को यदि आपने ही हाथ में ले लिया तो बुखार के कीटाणु आपकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं।
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ठंडी चीजों का सेवन तो गलती से न करें
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भारी खाना लेना
बुखार के दौरान भी बहुत जरूरी है कि आपके खाने का विशेष ध्यान रखें। कई लोग सोचते हैं कि बुखार का संबंध किसी पेट की बीमारी से नहीं है इसलिए वे भारी और तले हुए खाने से परहेज नहीं करते हैं लेकिन यह ठीक नहीं है क्योंकि ऐसा करने से खाने को पचाने में शरीर की बहुत ऊर्जा खर्च होती है इसलिए हल्का खाना लें ताकि रोग-प्रतिरोधक क्षमता अच्छी रहे। ठंडी चीजों का सेवन तो गलती से न करें।
नोट- यह लेख संत रविदास हॉस्पिटल के डॉक्टर विशेष अकोले से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। डॉक्टर विशेष अकोले पिछले 28 सालों से प्रैक्टिस कर रहे हैं। उन्होंने अपनी डिग्री जी.एस मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, उत्तर प्रदेश से ली है।
अस्वीकरण- अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।