हम सभी के घरों में भोजन में चावल का विशेष महत्व है। उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक, हर जगह चावल बड़े ही चाव से खाया जाता है। चावल कार्बोहाइड्रेट का महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करने के लिए बहुत आवश्यक होता है। हालांकि डायबिटीज और मोटापा जैसी कई बीमारियों के शिकार लोगों को चावल का सेवन कम करने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि चावल का ज्यादा सेवन ब्लड शुगर के स्तर और मोटापे के खतरे को बढ़ा सकता है। इस बारे में हम सभी लंबे समय से पढ़ते आ रहे हैं, पर क्या चावल कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का भी कारण बन सकता है? अगर यह सुनकर आप भी चौंक गए हैं तो रुकिए, असल में हाल ही में किए गए एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि कुछ स्थितियों में चावल, कैंसर के खतरे का कारण बन सकता है।
सावधान: चावल खाने से हो सकता है कैंसर..! पढ़ें ये खबर
चावल से कैंसर का खतरा
वैज्ञानिकों ने अपने हालिया अध्ययन के दौरान पाया कि जिस तरह से खेतों में फसल की उपज बढ़ाने के लिए बहुतायत मात्रा में खाद और रसायनों का प्रयोग किया जा रहा है, उससे सेहत को काफी नुकसान पहुंच सकता है। औद्योगिक विषाक्त पदार्थ और कीटनाशक, मिट्टी को काफी जहरीला बनाते जा रहे हैं। ऐसे में इससे उपजने वाले खाद्य पदार्थों में भी इसके अंश हो सकते हैं। यही कारण है कि चावल को हमेशा अच्छे से धोकर और पकाकर ही खाना चाहिए।
आर्सेनिक रसायन हो सकता है बेहद खतरनाक
अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों ने पाया कि कई तरह के औद्योगिक कीटनाशकों को बनाने के लिए आर्सेनिक रसायन का प्रयोग किया जाता है। यह रसायन मिट्टी में लंबे समय तक बने रहते हैं जिसका असर उस फसल पर भी हो सकता है। अगर हम लंबे समय तक भोजन या पानी के माध्यम से इस रसायन के संपर्क में रहते हैं, तो इससे आर्सेनिक विषाक्तता भी हो सकती है। इससे उल्टी, पेट दर्द, दस्त और यहां तक कि कैंसर का भी खतरा बढ़ जाता है। अध्ययन के अनुसार, चावल में आर्सेनिक का स्तर अधिक हो सकता है, ऐसे में यदि इसे ठीक से नहीं पकाया जाए, तो यह भविष्य में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है।
कई अध्ययनों में बताया गया है इसका खतरा
इसके पहले भी चावल से सेहत पर होने वाले प्रभावों को जानने के लिए किए गए अध्ययन में वैज्ञानिकों ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। एक अन्य अध्ययन में वैज्ञानिकों का दावा है कि चावल से कार्सिनोजेन का खतरा हो सकता है जो शरीर में कैंसर की समस्याओं का बढ़ावा दे सकती है। कार्सिनोजेन एक ऐसा एजेंट है जो मनुष्यों में कैंसर पैदा करने की क्षमता रखता है। कार्सिनोजेन्स प्राकृतिक हो सकते हैं और अधिकतर संग्रहीत अनाज या तंबाकू के धुएं में पाए जाते हैं।
महिलाओं में स्तन कैंसर का खतरा
90 के दशक में किए गए अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों ने पाया कि चावल का ज्यादा सेवन करने वाली महिलाओं में स्तन और अन्य प्रकार के कैंसर का जोखिम अधिक हो सकता है। करीब 9,400 प्रतिभागियों पर किए गए अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि कई अन्य कारकों के साथ चावल का सेवन भी स्तन और फेफड़ों जैसे कैंसर के मामलों को बढ़ा सकता है। चावल को अच्छी तरह से बिना पकाए खाने पर खतरा और बढ़ जाता है।