Medically Reviewed by Dr. Davinder Kundra
डॉ. दविंदर कुंद्रा
पल्मोनोलॉजिस्ट (श्वसन रोग विशेषज्ञ)
ह्यूमन केयर मेडिकल चैरिटेबल ट्रस्ट, मनीपाल हॉस्पिटल, द्वारका
सर्दी, खांसी, सांस फूलना जैसे लक्षण, कोविड-19 और कभी-कभी अस्थमा से जुड़े लक्षण भी होते हैं, जिनकी वजह से अब मरीजों के पैर ठंडे पड़ने लगे हैं। ऐसे समय में जबकि देश कोरोना वायरस की दूसरी लहर का सामना कर रहा है, जब भी हम किसी को सर्दी या बुखार से पीड़ित देखते हैं, तो घबराहट होने लगती है और अस्थमा के मरीजों के लिए यह स्थिति और भी बुरी है। आइए जानते हैं ऐसे जोखिमों और निवारक उपायों के बारे में, जिन पर अस्थमा से पीड़ित लोग ध्यान दे सकते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
अस्थमा के मरीजों को कोविड-19 होने की संभावना कितनी है?
- सार्स-कोव-2 वायरस से होने वाला, कोरोना वायरस श्वसन प्रणाली पर हमला करने के लिए जाना जाता है। इस वजह से अस्थमा के मरीजों पर इसके हमला करने की संभावना ज्यादा है। इस समूह के लोगों में इसे लेकर डर और घबराहट ज्यादा है, क्योंकि उनके श्वसन प्रणाली में यह संक्रमण होने और इसका असर पड़ने की संभावना ज्यादा है।
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अस्थमा फेफड़ों का गंभीर संक्रमण है जिससे वायुमार्ग सिकुड़ जाता है, जिस वजह से वायुमार्ग में सूजन, घरघराहट, सांस फूलना, सीने में जकड़न और खांसी होती है। जब इस स्थिति से परेशान किसी रोगी को वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण जैसा श्वसन संक्रमण हो जाता है, तो ऐसे पदार्थों का अतिउत्पादन हो सकता है, जिससे सूजन ज्यादा गंभीर हो सकती है। हालांकि, जब ऐसा कोई रोगी कोरोना वायरस के संपर्क में आ जाता है, तो इससे फेफड़े के ऊतकों के अंदर और साथ ही ब्रोन्कियल मार्ग में सूजन हो जाती है। इसलिए, अगर कोई मरीज मध्यम या गंभीर अस्थमा से पीड़ित है, तो कोविड-19 होने से न केवल अस्थमा के लक्षण बिगड़ सकते हैं, बल्कि निमोनिया भी हो सकता है। भले ही, अब तक अस्थमा के रोगियों में कोरोना वायरस का ज्यादा जोखिम होने की संभावना का समर्थन करने वाले कोई सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन विशेषज्ञ गंभीर लक्षणों और जटिलताओं की संभावना के कारण रोगियों को ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह देते हैं।
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रोग नियंत्रण केंद्र (सीडीसी) का भी कहना है कि भले ही अस्थमा के रोगियों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की संभावना अन्य रोगियों जितनी है, लेकिन उनमें जटिलताएं पैदा होने की संभावना बहुत अधिक है और चूंकि कोरोना वायरस वायुमार्ग के ऊपरी और निचले अंगों- फेफड़े, नाक और गले को प्रभावित करता है, इसलिए इस बात की काफी संभावना है कि रोगी को अस्थमा का अटैक आ सकता है या निमोनिया हो सकता है।
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कोरोना वायरस के लक्षण
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कोरोना वायरस के लक्षण क्या हैं?
- साल 2020 में कोरोना वायरस की पहली लहर ने लोगों को प्रभावित किया था और 2021 में हम दूसरी लहर में फंसे हुए हैं। भले ही ज्यादातर शुरुआती लक्षण वैसे ही हैं, लेकिन मरीजों में कुछ और भी लक्षण देखने को मिल रहे हैं, जो पहली लहर में दिखे लक्षणों की तुलना में ज्यादा गंभीर हैं।