दुनियाभर में कोरोना वायरस से संक्रमण का मामला बढ़कर अब तीन करोड़ तीन लाख 72 हजार से भी ऊपर हो चुका है जबकि मरने वालों की संख्या भी नौ लाख 50 हजार के पार चली गई है। इससे निपटने के लिए वैक्सीन बनाने का काम जारी है, लेकिन वो दुनिया को कब तक मिलेगी, कुछ पता नहीं। हालांकि ऐसा माना जा रहा है कि इस साल के अंत तक वैक्सीन मिल सकती है। इस बीच फ्लू के टीके को लेकर दुनियाभर में खूब चर्चा हो रही है, लेकिन क्या यह कोरोना से बचा सकता है? आइए जानते हैं इस बारे में विशेषज्ञ क्या कहते हैं। इसके अलावा विशेषज्ञ के माध्यम से उन सवालों के भी जवाब जानने की कोशिश करते हैं, जिनके बारे में जानना बेहद ही जरूरी है।
Coronavirus: क्या फ्लू का टीका कोरोना से बचाने में मदद कर रहा है? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ
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क्या फ्लू का टीका कोरोना से बचाने में मदद कर रहा है?
दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल की डॉक्टर रुपाली मलिक बताती हैं, 'ब्राजील में 90 हजार लोगों पर एक शोध हुआ है, जिसमें पाया गया कि जिन लोगों में फ्लू का टीका लगा था, उनमें कोविड से मृत्यु दर 30-35 प्रतिशत कम थी। वहीं कई अन्य शोध कहते हैं कि फ्लू वैक्सीन अक्सर इंफ्लूएंजा वायरस में तो काम करती है, लेकिन नॉन इंफ्लूएंजा रेस्पेरेट्री इलनेस में उतनी कारगर नहीं है। इसलिए इस वक्त फ्लू वैक्सीन कितनी कारगर है, यह कहना मुश्किल है। लेकिन हां, यह जरूर कह सकते हैं कि अगर फ्लू की वैक्सीन आम वायरस से दूर रखती है तो कहीं न कहीं कोरोना के वायरस से बचने का प्रतिशत बढ़ सकता है।'
नाई की दुकान या ब्यूटी पार्लर जाने पर क्या सावधानी रखें?
डॉ. रुपाली मलिक के मुताबिक, 'सबसे पहली बात- बाल कटवाने जाएं तो मास्क लगाकर जाएं। वहां जो सावधानी बताई गई है, उसका पालन करें। यह सुनिश्चित करें कि बाल काटने वाला व्यक्ति मास्क लगाए हो, हो सके तो पीपीई किट पहने हो और कैंची, कंघे आदि सैनिटाइज हो। फिलहाल ऐसे काम नहीं करवाएं जिनमें मुंह काफी पास आता है, जैसे कि फेशियल, आईब्रो बनवाना आदि।'
अनलॉक में लोग मान रहे हैं कि वायरस खत्म हो गया है, उनके लिए क्या सलाह है?
डॉ. रुपाली मलिक कहती हैं, 'अब लोग मास्क और भौतिक दूरी से ऊब गए हैं। ऐसे लोगों को बार-बार हाथ साफ करना समय की बर्बादी लगता है, लेकिन वायरस से बचने के लिए केवल यही उपाय हैं। जब तक वैक्सीन नहीं आती तब तक कड़ाई से नियमों का पालन करें। ध्यान रहे, वैक्सीन के सफल होने के बाद भी लोगों तक पहुंचने में लंबा वक्त लग सकता है। हमारे देश की जनसंख्या भी बहुत ज्यादा है। इसलिए जिम्मेदारी को समझें और जागरूक नागरिक बनें।'
इंपीरियल कॉलेज और ऑक्सफोर्ड में नाक से टीका देने का ट्रायल हो रहा है, क्या यह ज्यादा प्रभावी है?
डॉ. रुपाली मलिक के मुताबिक, 'जब नाक से वैक्सीन देते हैं तो दो तरह की इम्यूनिटी बनती है। एक लोकल और दूसरी सिस्टमिक इम्यूनिटी। वहीं इंजेक्शन से केवल सिस्टमिक इम्यूनिटी ही बनती है। वैसे हमारे पास फ्लू से बचने के लिए पहले से नेजल वैक्सीन उपलब्ध है तो उसी के आधार पर उम्मीद की जा रही है कि यह ज्यादा प्रभावी होगी। चूंकि ज्यादातर मामलों में वायरस नाक से प्रवेश करता है तो लोकल इम्यूनिटी भी जरूरी है, जो संक्रमण को कम कर सकती है। अब जरूरी नहीं है कि सबको नेजल वैक्सीन दी जा सके, कई लोगों को नाक में एलर्जी हो सकती है। लेकिन हां, अगर परीक्षण सफल होता है तो इसे काफी प्रभावी मान सकते हैं।'