Covid-19 Latest News In India: देश में कोरोना संक्रमण की इस बार की लहर कई मामलों में चिंता बढ़ा रही है।
- पहला- कोरोना की रफ्तार काफी तेज है, जिस आबादी में संक्रमण शुरू होता है, वहां ये काफी तेजी से बढ़ने लगता है।
- और दूसरा- इस लहर में रोजाना मौत के मामले भी रिपोर्ट किए जा रहे हैं, जो डराने वाले हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के कोविड डैशबोर्ड के मुताबिक देश में फिलहाल 3961 एक्टिव मामले हैं। पिछले 24 घंटे में ही 203 नए लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है, चार लोगों की कोरोना से मौत हुई है। दिल्ली में एक ही दिन में 47 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है।
भारत में कोरोना के ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स (मुख्यरूप से NB.1.8.1 और LF.7) को प्रमुख माना जा रहा है। इन्हें अध्ययनों में अति संक्रामक जरूर बताया गया था, पर दावा किया जा रहा था कि इसके कारण गंभीर रोग और मौत का खतरा कम है। हालांकि पिछले एक हफ्ते के डेटा पर नजर डालें तो पता चलता है कि इस बार कोरोना से मौत के मामले भी बढ़े हैं। चिंताजनक बात ये भी है कि सिर्फ 65 साल से अधिक ही नहीं कई युवाओं की भी कोरोना से मौत हो रही है।
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कोरोना के कारण होने वाली दिक्कतें
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कोरोना से मौत के मामलों का विवरण
कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट्स को लेकर किए गए अध्ययनों में कहा गया है कि नए म्यूटेशन इन्हें अति संक्रामक बना रहे हैं। 65 साल से अधिक या कोमोरबिडिटी के शिकार लोगों में गंभीर रोग होने का खतरा ज्यादा हो सकता है। पर पिछले 24 घंटे में देश में हुई चार मौतों पर गौर करें तो पता चलता है कि इनमें से 2 की उम्र 25 साल या इससे कम है। तो क्या इस बार का कोरोना हमारी सोच से ज्यादा खतरनाक है?
1 जनवरी 2025 से अब तक देश में कोरोना से 32 लोगों की मौत हुई है, वहीं पिछले एक दिन में ही चार लोगों की जान गई है।
- दिल्ली (1 मौत) - यहां 22 वर्षीय युवती का कोरोना से मौत हुई है। उसे पहले से श्वसन संबंधित समस्या थी। वह टीबी का भी शिकार रह चुकी थी, जिसके बाद भी फेफड़ों में कुछ दिक्कत बनी हुई थी। उसे निचले श्वसन पथ का संक्रमण भी था।
- तमिलनाडु (1 मौत) में 25 वर्षीय युवक की जान गई है। उसे ब्रोन्कियल अस्थमा और गंभीर रूप की एक्यूट ट्यूबलर इंजरी भी थी, वह इंसिडेंटल कोविड पॉजिटिव था।
- महाराष्ट्र (1 मौत) में हुई मौत 44 वर्षीय पुरुष की है। इसके मृत्यु का कारण कोविड-19 के साथ एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम की समस्या थी।
- केरल (1 मौत) में हुई मौत के कारणों की प्रतीक्षा की जा रही है।
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कोरोना का संक्रमण
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युवाओं की मौत के मामले
इससे पहले 31 मई को स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा साझा किए गए डेटा में उत्तर प्रदेश में संक्रमण से 23 वर्षीय युवक की मौत का जिक्र था। उसे एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया था। उसे भी पहले से कोमोरबिडिट (अन्य बीमारियों) की शिकायत थी। युवाओं में बढ़ते कोरोना के गंभीर मामले और मौत के जोखिमों ने लोगों को काफी डरा दिया था।
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कोविड-19 का संक्रमण
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
युवाओं में कोरोना से मौत के कारणों को समझने के लिए हमने दिल्ली स्थित एक निजी अस्पताल में पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ विकास मित्तल से बातचीत की।
डॉ विकास कहते हैं, तमिलनाडु में हुई मौत के विवरण में स्पष्ट लिखा गया है कि ये 'इंसिडेंटल कोविड पॉजिटिव केस' था। जिसका मतलब है कि रोगी पहले से अपनी बीमारी को लेकर अस्पताल में भर्ती था, जहां रूटीन जांच के दौरान उसे संक्रमित पाया गया। ये मौत कोरोना के कारण हुई है, ये फिलहाल नहीं कहा जा सकता है।
दूसरा, युवाओं में संक्रमण के गंभीर रूप लेने के कई अन्य कारण हो सकते हैं, उसमें से एक कारण मोटापा भी है। ऐसा पहले की लहरों में भी देखा जा रहा था कि मोटापाग्रस्त लोगों में संक्रमण की स्थिति गंभीर रूप ले रही था। पर इस बार अभी तक ऐसे मामले ज्यादा रिपोर्ट नहीं किए गए हैं।
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कोरोना से बचाव के उपाय जरूरी
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बचाव को लेकर गंभीरता से दें ध्यान
पहले की रिपोर्टस में भी कहा जाता रहा है कि समय के साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती जाती है, जिन लोगों को पहले से गंभीर क्रॉनिक बीमारियां रही हैं उनमें बीमारी के बढ़ने का जोखिम अधिक हो सकता है। इसलिए सभी लोगों को कोरोना से बचाव को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।
पहले से बीमार लोग, 65 साल से अधिक उम्र (एहतियातन सभी लोगों को) और गर्भवती महिलाओं को कोरोना से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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