अगर आपको लगता है कि डेंगू मलेरिया का प्रकोप सिर्फ भारत में ही सबसे ज्यादा रहता है तो अपनी जानकारी दुरुस्त कर लें।भारत के अलावा कई ऐसे देश हैं जो दिखने में तो बेहद खूबसूरत नजर आते हैं लेकिन डेंगू मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारियों को फैलाने वाले मच्छरों का घर बने हुए हैं। आपको पढ़कर थोड़ी हैरानी हो सकती हैं पर यह बात सच है। आपको बता दें, पांच ऐसे देश जहां सबसे ज्यादा मच्छर होते हैं ।
बरसात और चिपचिपा मौसम मच्छरों के पैदा होने के लिए सबसे अनुकूल समय होता है। कई देशों में ऐसा मौसम ज्यादातर समय बना रहता है जिसकी वजह से वहां मच्छरों की संख्या में बढ़ोतरी होती रहती है। हालांकि मच्छरों का प्रकोप दुनिया भर में फैला हुआ है। दुनिया भर में मच्छरों की 3,000 से अधिक प्रजातियां हैं जो विभिन्न जलवायु और मौसम की अनुकूल स्थिति में पैदा होती हैं। बता दें, सबसे ज्यादा मच्छर - थाईलैंड, ब्राजील, फिलीपींस, ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया जैसे देशों में पाए जाते हैं।
बता दें, एक खास प्रजाति का मच्छर ही चिकनगुनिया फैलाता है जिसे एडिस एजेप्टी कहा जाता है, इस मच्छर की पहचान एक जर्मन डॉक्टर जोहान विल्हेम ने 1818 में की थी।एडिस एजिप्टी कई बार डेंगू और चिकनगुनिया दोनों के वायरस वाला होता है।यह मामूली नहीं बल्कि बहुत ही खतरनाक मच्छर है, जो अफ्रीका, एशिया और लातीनी अमरीका में पाया जाता है। यही वो मच्छर है जो डेंगू और जीका जैसी बीमारियां भी फैलाता है।
आपको शायद ही इस बात का पता हो कि सिर्फ मादा मच्छर ही इंसानों का खून चूसती हैं। जबकि नर मच्छर शाकाहारी होते हैं। नर मच्छर पेड़-पौधों के रस पर जिंदा रहते हैं। मादा मच्छरों को इंसानी खून की जरूरत लार्वा के प्रोडक्शन के लिए पड़ती है।
चिकनगुनिया वाले मच्छर को बहुत गौर से या मैग्निफाइंग ग्लास से देखें तो उसके शरीर पर सफेद धारियां होती हैं, जो उसकी खास पहचान है।मलेरिया फैलाने वाला मच्छर अलग प्रजाति का होता है जिसे एनोफिलिस कहते हैं, और सिर्फ मादा मच्छर के काटने पर ही व्यक्ति मलेरिया का शिकार होता है।