What to Eat After Recovering From Dengue: डेंगू एक गंभीर वायरल संक्रमण है जो हमारे शरीर में न सिर्फ प्लेटलेट्स को कम करता है, बल्कि पूरे शरीर, खासकर पाचन तंत्र को बुरी तरह से प्रभावित करता है। बुखार उतरने और प्लेटलेट्स सामान्य होने के बाद अक्सर मरीज यह मान लेते हैं कि वे पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं और तुरंत ही अपने सामान्य आहार पर लौट आते हैं। लेकिन यही सबसे बड़ी गलती होती है।
Health Tips: डेंगू ठीक होने के बाद इन बातों का रखें विशेष ध्यान, वरना पाचन संबंधित बढ़ सकती है दिक्कतें
Dengue Recovery Tips: डेंगू के बाद अक्सर लोग कमजोरी महसूस करते हैं और पाचन संबंधी समस्याओं का भी सामना करते हैं। ऐसा होना बहुत आम बात है। ऐसे में विशेषज्ञ कुछ सावधानियां बरतने का सुझाव देते हैं, जिसके बारे में आपको भी जानना चाहिए।
मसालेदार और तैलीय भोजन से पूरी तरह परहेज
रिकवरी के दौरान मसालेदार और तैलीय भोजन से पूरी तरह परहेज करें। इन खाद्य पदार्थों को पचाने में बहुत अधिक मेहनत लगती है, जिससे आंतों पर अनावश्यक दबाव पड़ता है। इस दौरान एसिडिटी की समस्या भी बढ़ सकती है। इसके बजाय उबला हुआ या भाप में पका हल्का भोजन जैसे दलिया, मूंग दाल की खिचड़ी, या उबली हुई सब्जियां खाएं।
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फाइबर और पानी की मात्रा बढ़ाएं
पाचन तंत्र को फिर से सक्रिय करने के लिए पानी और फाइबर की मात्रा बढ़ाना जरूरी है। नारियल पानी, ताजे फलों का जूस (बिना चीनी वाला) और गुनगुना पानी शरीर को हाइड्रेटेड रखेने मदद करते हैं। वहीं सुलभ फाइबर वाले खाद्य पदार्थ जैसे ओट्स, केला और उबले आलू आंतों की सफाई और सामान्य कार्यप्रणाली को ठीक करने में मदद करते हैं।
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डेंगू के बाद कुछ लोगों को लैक्टोज इंटॉलरेंस की अस्थायी समस्या हो सकती है। इसलिए इस दौरान दही, छाछ या पनीर को छोड़कर, दूध और उससे बने भारी डेयरी उत्पादों का सेवन सीमित कर देना चाहिए। अगर डेयरी उत्पाद खाने ही हैं, तो पहले थोड़ी मात्रा में खाकर देखें कि आपका शरीर उसे पचा पा रहा है या नहीं।
एक बार में ज्यादा भोजन करने के बजाय, दिनभर में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में कई बार खाएं। इससे पाचन तंत्र पर बोझ कम पड़ता है और पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है। रिकवरी के दौरान प्रोटीन (दाल का पानी, अंडे का सफेद भाग) और विटामिन-सी (नींबू, आंवला) को शामिल करें, ये आपके लिए बेहद फायदेमंद हो सकते हैं।
अगर ये सावधानियां बरतने के बाद भी आप कमजोरी महसूस कर रहे हैं, तो आपको बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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