{"_id":"69e064b18895cec4df0170e6","slug":"difference-between-rock-salt-and-white-salt-sendha-namak-or-white-namak-me-kya-achha-hai-2026-04-16","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Rock Salt And White Salt: हेल्थ के लिए कौन सा नमक बेहतर? यहां समझें सेंधा और सफेद नमक का फर्क","category":{"title":"Health & Fitness","title_hn":"हेल्थ एंड फिटनेस","slug":"fitness"}}
Rock Salt And White Salt: हेल्थ के लिए कौन सा नमक बेहतर? यहां समझें सेंधा और सफेद नमक का फर्क
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Thu, 16 Apr 2026 10:51 AM IST
सार
Difference Between Rock Salt And White Salt: अगर आप भी इस बात को लेकर डाउट में रहते हैं कि सफेद नमक खाएं या फिर सेंधा नमक, तो ये लेख आपके काम का है। यहां हम आपको बताएंगे कि इन दोनों में से क्या बेहतर होता है।
विज्ञापन
सेंधा नमक और सफेद नमक में किसका सेवन करना चाहिए?
- फोटो : AI
Difference Between Rock Salt And White Salt: आजकल हेल्थ को लेकर लोगों की जागरूकता बढ़ती जा रही है, और इसी के चलते खाने में इस्तेमाल होने वाली चीजों को लेकर भी कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। ऐसा ही एक आम कन्फ्यूजन है कि सफेद नमक यानी रिफाइंड नमक ज्यादा बेहतर है या रोजाना मे सेंधा नमक का इस्तेमाल करना चाहिए।
Trending Videos
सेंधा नमक और सफेद नमक में किसका सेवन करना चाहिए?
- फोटो : Adobestock
दोनों के फायदे और नुकसान?
सफेद नमक और सेंधा नमक दोनों का उपयोग अलग-अलग कारणों से किया जाता है और इनके फायदे भी अलग हैं।
सफेद नमक, जिसे टेबल सॉल्ट कहा जाता है, प्रोसेसिंग के बाद तैयार किया जाता है और इसमें आयोडीन मिलाया जाता है। आयोडीन शरीर के लिए बेहद जरूरी होता है, क्योंकि इसकी कमी से थायरॉइड जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यही कारण है कि डॉक्टर रोजाना आयोडीन युक्त नमक के सेवन की सलाह देते हैं।
दूसरी तरफ सेंधा नमक, जिसे रॉक सॉल्ट कहा जाता है, प्राकृतिक रूप से मिलता है और कम प्रोसेस होता है। इसमें पोटैशियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम जैसे मिनरल्स पाए जाते हैं। यह पाचन के लिए हल्का माना जाता है और अक्सर व्रत या डिटॉक्स डाइट में इस्तेमाल किया जाता है।
सफेद नमक और सेंधा नमक दोनों का उपयोग अलग-अलग कारणों से किया जाता है और इनके फायदे भी अलग हैं।
सफेद नमक, जिसे टेबल सॉल्ट कहा जाता है, प्रोसेसिंग के बाद तैयार किया जाता है और इसमें आयोडीन मिलाया जाता है। आयोडीन शरीर के लिए बेहद जरूरी होता है, क्योंकि इसकी कमी से थायरॉइड जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यही कारण है कि डॉक्टर रोजाना आयोडीन युक्त नमक के सेवन की सलाह देते हैं।
दूसरी तरफ सेंधा नमक, जिसे रॉक सॉल्ट कहा जाता है, प्राकृतिक रूप से मिलता है और कम प्रोसेस होता है। इसमें पोटैशियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम जैसे मिनरल्स पाए जाते हैं। यह पाचन के लिए हल्का माना जाता है और अक्सर व्रत या डिटॉक्स डाइट में इस्तेमाल किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सेंधा नमक और सफेद नमक में किसका सेवन करना चाहिए?
- फोटो : Freepik
हालांकि, सेंधा नमक में आयोडीन की मात्रा बहुत कम होती है, इसलिए इसे पूरी तरह सफेद नमक की जगह इस्तेमाल करना सही नहीं माना जाता।
सेंधा नमक और सफेद नमक में किसका सेवन करना चाहिए?
- फोटो : Freepik
कौन सा बेहतर है?
अगर आप रोजाना के खाने की बात करें, तो आयोडीन युक्त सफेद नमक ज्यादा जरूरी है। वहीं सेंधा नमक को आप कभी-कभी या विशेष डाइट में शामिल कर सकते हैं।
अगर आप रोजाना के खाने की बात करें, तो आयोडीन युक्त सफेद नमक ज्यादा जरूरी है। वहीं सेंधा नमक को आप कभी-कभी या विशेष डाइट में शामिल कर सकते हैं।
विज्ञापन
सेंधा नमक और सफेद नमक में किसका सेवन करना चाहिए?
- फोटो : Adobestock
जरूरी सावधानियां:
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
- नमक का सेवन सीमित मात्रा में करें
- हाई ब्लड प्रेशर के मरीज कम नमक खाएं
- संतुलित डाइट को प्राथमिकता दें
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

कमेंट
कमेंट X