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Importance Of Good Bacteria: शरीर में गुड बैक्टीरिया का होना कितना जरूरी? यहां जानें
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Thu, 16 Apr 2026 09:50 AM IST
सार
Importance Of Good Bacteria: अक्सर आपने सुना होगा कि शरीर में गुड बैक्टीरिया का होना बेहद जरूरी होता है। इसकी क्या अहमियत है, आज हम इसी बारे में आपको बताएंगे।
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गुड बैक्टीरिया क्यों जरूरी हैं?
- फोटो : AI
Importance Of Good Bacteria: शरीर में गुड बैक्टीरिया यानी लाभकारी सूक्ष्मजीव हमारी सेहत के लिए बेहद जरूरी होते हैं। ये शरीर में आने वाली हर छोटी-बड़ी दिक्कत को दूर करने का काम करते हैं।
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गुड बैक्टीरिया क्यों जरूरी हैं?
- फोटो : Freepik.com
गुड बैक्टीरिया क्यों जरूरी हैं?
1. पाचन में मदद
शरीर में मौजूद गुड बैक्टीरिया भोजन को छोटे-छोटे पोषक तत्वों में तोड़ते हैं, जिससे विटामिन, मिनरल्स और अन्य जरूरी तत्व आसानी से अवशोषित हो पाते हैं। ये खासतौर पर फाइबर को पचाने में मदद करते हैं, जिसे हमारा शरीर सीधे नहीं पचा सकता।
2. इम्यूनिटी बढ़ाते हैं
गुड बैक्टीरिया शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं। ये हानिकारक बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकते हैं और संक्रमण से बचाते हैं। लगभग 70% इम्यून सिस्टम हमारे पाचन तंत्र से जुड़ा होता है, इसलिए गट हेल्थ का अच्छा होना बेहद जरूरी है।
1. पाचन में मदद
शरीर में मौजूद गुड बैक्टीरिया भोजन को छोटे-छोटे पोषक तत्वों में तोड़ते हैं, जिससे विटामिन, मिनरल्स और अन्य जरूरी तत्व आसानी से अवशोषित हो पाते हैं। ये खासतौर पर फाइबर को पचाने में मदद करते हैं, जिसे हमारा शरीर सीधे नहीं पचा सकता।
2. इम्यूनिटी बढ़ाते हैं
गुड बैक्टीरिया शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं। ये हानिकारक बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकते हैं और संक्रमण से बचाते हैं। लगभग 70% इम्यून सिस्टम हमारे पाचन तंत्र से जुड़ा होता है, इसलिए गट हेल्थ का अच्छा होना बेहद जरूरी है।
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गुड बैक्टीरिया क्यों जरूरी हैं?
- फोटो : Freepik.com
3. मानसिक स्वास्थ्य पर असर
पेट और दिमाग के बीच सीधा संबंध होता है। अच्छे बैक्टीरिया सेरोटोनिन जैसे “फील-गुड” हार्मोन के उत्पादन में मदद करते हैं, जिससे तनाव, चिंता और डिप्रेशन कम हो सकता है।
4. वजन कंट्रोल में सहायक
संतुलित मेटाबॉलिज्म अच्छे बैक्टीरिया की मदद से बेहतर होता है। ये फैट स्टोरेज को नियंत्रित करते हैं और भूख को संतुलित रखते हैं, जिससे वजन बढ़ने की समस्या कम होती है।
पेट और दिमाग के बीच सीधा संबंध होता है। अच्छे बैक्टीरिया सेरोटोनिन जैसे “फील-गुड” हार्मोन के उत्पादन में मदद करते हैं, जिससे तनाव, चिंता और डिप्रेशन कम हो सकता है।
4. वजन कंट्रोल में सहायक
संतुलित मेटाबॉलिज्म अच्छे बैक्टीरिया की मदद से बेहतर होता है। ये फैट स्टोरेज को नियंत्रित करते हैं और भूख को संतुलित रखते हैं, जिससे वजन बढ़ने की समस्या कम होती है।
गुड बैक्टीरिया क्यों जरूरी हैं?
- फोटो : Adobe stock
5. स्किन हेल्थ में सुधार
गुड बैक्टीरिया शरीर में सूजन को कम करते हैं, जिससे पिंपल्स, एक्ने और अन्य त्वचा समस्याएं कम हो सकती हैं। हेल्दी गट का असर चेहरे की चमक पर भी दिखता है।
गुड बैक्टीरिया शरीर में सूजन को कम करते हैं, जिससे पिंपल्स, एक्ने और अन्य त्वचा समस्याएं कम हो सकती हैं। हेल्दी गट का असर चेहरे की चमक पर भी दिखता है।
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गुड बैक्टीरिया क्यों जरूरी हैं?
- फोटो : Freepik.com
गुड बैक्टीरिया बढ़ाने के तरीके
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
- दही, छाछ, किमची और फर्मेंटेड फूड में प्राकृतिक रूप से अच्छे बैक्टीरिया पाए जाते हैं, जो सीधे गट में जाकर बैलेंस सुधारते हैं।
- फल, सब्जियां, दालें और साबुत अनाज “प्रीबायोटिक” का काम करते हैं, जो गुड बैक्टीरिया के लिए भोजन का स्रोत होते हैं और उनकी संख्या बढ़ाते हैं।
- बार-बार एंटीबायोटिक लेने से अच्छे और बुरे दोनों बैक्टीरिया खत्म हो सकते हैं, जिससे संतुलन बिगड़ जाता है। इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना इनका इस्तेमाल न करें।
- लंबे समय तक तनाव रहने से गट बैक्टीरिया पर नकारात्मक असर पड़ता है। योग, मेडिटेशन और एक्सरसाइज से इसे संतुलित रखा जा सकता है।
- 7-8 घंटे की नींद गट हेल्थ को सुधारने में मदद करती है। नींद की कमी से बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ सकता है।
- पर्याप्त पानी पीने से पाचन तंत्र सही रहता है और अच्छे बैक्टीरिया को बेहतर वातावरण मिलता है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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