देश के ज्यादातर हिस्सों में मानसून सक्रिय हो गया है। बारिश का मौसम भले ही भीषण गर्मी से राहत दिलाने वाला होता है पर ये अपने साथ कई संक्रामक और मौसमी बीमारियां लेकर भी आता है। बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव, बढ़ी हुई नमी, दूषित भोजन और मच्छरों की तेजी से बढ़ती संख्या कई रोगों का खतरा बढ़ाने वाली हो सकती है।
Health Tips: मानसून बढ़ा देता है कई बीमारियों का खतरा, हर घर में जरूर होनी चाहिए ये मेडिकल किट्स
कई बार मामूली बुखार या उल्टी-दस्त को लोग सामान्य मानकर घर पर इलाज करते रहते हैं, लेकिन समय पर सही देखभाल न मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है। इसलिए मानसून के दौरान बीमारी से बचाव इलाज से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है।
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घर पर रखें ओआरएस और थर्मामीटर
बारिश के मौसम में उल्टी-दस्त या बुखार आम समस्या हो सकती है। इसलिए घर में ओआरएस के पैकेट जरूर रखें, ताकि डिहाइड्रेशन की स्थिति में शुरुआती मदद मिल सके।
- डिजिटल थर्मामीटर शरीर का तापमान सही तरीके से मापने के लिए जरूरी है।
- बुखार की गंभीरता समझने और डॉक्टर को सही जानकारी देने में यह उपयोगी होता है।
- ओआरएस का घोल हमेशा निर्देशानुसार तैयार करें और तय समय के भीतर उपयोग करें।
एंटीसेप्टिक, बैंडेज और हैंड सैनिटाइजर
बारिश में फिसलकर चोट लगना या त्वचा पर कट लगना आम बात है। ऐसे में एंटीसेप्टिक सॉल्यूशन, स्टेराइल गॉज, बैंडेज और मेडिकल टेप प्राथमिक उपचार के लिए जरूरी हैं।
- इसके अलावा हैंड सैनिटाइजर या साबुन संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं
- किसी भी गहरे घाव या लगातार खून बहने की स्थिति में केवल प्राथमिक उपचार पर निर्भर न रहें और डॉक्टर से संपर्क करें।
नियमित दवाएं भी किट में रखें
यदि परिवार में किसी को डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, अस्थमा या अन्य पुरानी बीमारी है, तो उनकी नियमित दवाएं हेल्थ किट में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होनी चाहिए।
- इसके अलावा डॉक्टर की सलाह से उपयोग की जाने वाली बुखार की दवा, एलर्जी की दवा और आवश्यक मेडिकल दस्तावेज भी सुरक्षित रखें।
- हेल्थ किट की एक्सपायरी डेट समय-समय पर जांचते रहें और जरूरत पड़ने पर सामग्री बदलते रहें।
- यह छोटी-सी तैयारी आपातकालीन स्थिति में बड़ी मदद साबित हो सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।