दुनियाभर में लिवर से संबंधित समस्याओं के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। कम उम्र वाले भी इसका शिकार हो रहे हैं। लिवर बिना रुके दिन-रात काम करता है, हालांकि लाइफस्टाइल की गड़बड़ी ने इससे संबंधित बीमारियों के खतरे काफी बढ़ा दिए हैं। दुनियाभर में फैटी लिवर, हेपेटाइटिस, सिरोसिस और लिवर कैंसर जैसी बीमारियों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। डॉक्टर खराब खानपान, जरूरत से ज्यादा चीनी और तली-भुनी चीजें, शराब का सेवन और मोटापा जैसी स्थितियों को इसका बड़ा कारण मानते हैं।
Liver Disease: इन लक्षणों का मतलब लिवर चीख-चीख कर मांग रहा है मदद, हो जाएं सावधान
शराब का अधिक सेवन, हेपेटाइटिस बी और सी संक्रमण, कुछ दवाओं का लंबे समय तक उपयोग लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। कहीं आप भी तो लिवर की बीमारियों का शिकार नहीं हैं?
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लिवर की सेहत पर दें ध्यान
विशेषज्ञों के अनुसार, लिवर शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। यह भोजन को ऊर्जा में बदलने, शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकालने, पाचन में मदद करने वाले बाइल का निर्माण करने जैसे करीब 500 काम करता है। इसलिए जब लिवर प्रभावित होता है तो उसका असर केवल पाचन तंत्र तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे शरीर पर दिखाई देने लगता है।
युवाओं में नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज तेजी से बढ़ रही है, जो उन लोगों में भी देखी जा रही है जिन्होंने कभी शराब का सेवन नहीं किया। यही कारण है कि डॉक्टर नियमित हेल्थ चेकअप, संतुलित आहार और शुरुआती लक्षणों को गंभीरता से लेने की सलाह देते हैं।
अगर आपको भी ये दिक्कतें हो रही हैं तो तुरंत सावधान हो जाइए।
अक्सर रहती है थकान और कमजोरी?
अगर बिना किसी स्पष्ट कारण के हर समय थकान महसूस होती है, काम करने का मन न करतो हो या शरीर में लगातार कमजोरी बनी रहती है, तो इसे केवल तनाव या नींद की कमी समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
- लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित होने पर शरीर की ऊर्जा बनाने और पोषक तत्वों के उपयोग की प्रक्रिया भी प्रभावित होती है। यही वजह है कि मरीज को लगातार थकान महसूस हो सकती है।
- हालांकि यह लक्षण कई अन्य बीमारियों में भी देखा जाता है, इसलिए लंबे समय तक बने रहने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
बार-बार हो रहा है पीलिया?
बार-बार पीलिया होना लिवर की गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। जब लिवर ठीक से काम नहीं करता, तब शरीर में बिलीरुबिन नामक पदार्थ जमा होने लगता है, जिससे पीलिया हो सकता है। इसमें गहरे रंग का पेशाब, हल्के रंग का मल और अत्यधिक कमजोरी भी हो सकती है। यह स्थिति हेपेटाइटिस, बाइल डक्ट की रुकावट या गंभीर लिवर रोग का संकेत हो सकती है।
त्वचा में रहती है खुजली?
लगातार पूरे शरीर में खुजली होना भी कुछ मामलों में लिवर रोग से जुड़ा हो सकता है। जब पित्त का प्रवाह प्रभावित होता है, तो कुछ पदार्थ त्वचा में जमा होकर खुजली पैदा कर सकते हैं।इसके अलावा लिवर खून जमाने वाले प्रोटीन भी बनाता है। यदि इसकी कार्यक्षमता कम हो जाए तो शरीर पर आसानी से नीले निशान पड़ सकते हैं या मामूली चोट लगने पर भी ज्यादा रक्तस्राव हो सकता है।
लिवर को कैसे रखें स्वस्थ?
लिवर को स्वस्थ रखने के लिए खान-पान में सुधार करें।
- संतुलित आहार लें जिसमें हरी सब्जियां-फल, साबुत अनाज और पर्याप्त प्रोटीन हो।
- मीठे पेय, अत्यधिक चीनी, ट्रांस फैट और प्रोसेस्ड फूड कम करें।
- नियमित व्यायाम करें और वजन कंट्रोल रखें।
- शराब से बचें। ये लिवर की बीमारियों का बड़ा कारण है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।