Dizziness When Standing UP: क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि सोकर या बैठकर उठते ही आपकी आंखों के सामने अंधेरा छा जाता है या सिर घूमने लगता है? अक्सर हम इसे सामान्य थकान या कमजोरी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन चिकित्सा विज्ञान में इस स्थिति को ऑर्थोस्टेटिक हाइपोटेंशन कहा जाता है। जब हम अचानक खड़े होते हैं, तो गुरुत्वाकर्षण के कारण खून हमारे पैरों की ओर तेजी से गिरता है।
Health Tips: खड़े होते ही अचानक आने लगता है चक्कर, कहीं ये किसी बीमारी का संकेत तो नहीं?
Positional Vertigo vs Hypotension: बिस्तर से अचानक उठने के बाद अक्सर ऐसा होता है कि लोगों को तेजी से चक्कर आ जाता है। ऐसा होने के पीछे कई कारण होते हैं। कई बार ये किसी गंभीर बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। इसलिए आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
अचानक चक्कर आने के पीछे मुख्य चिकित्सीय कारण क्या हो सकते हैं?
खड़े होने पर चक्कर आने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) सबसे आम है। इसके अलावा, एनीमिया (खून की कमी), विटामिन B12 की कमी, या लो ब्लड शुगर भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। अगर आपके हृदय के वाल्व में समस्या है या आप बीपी की दवाएं ले रहे हैं, तो भी बीपी का यह अचानक गिरना सामान्य है। कुछ मामलों में यह पार्किंसंस जैसी नसों की बीमारी का भी संकेत हो सकता है।
ये भी पढ़ें- Health Alert: भारत में 'साइलेंट महामारी' बढ़ा रही है सेहत की मुश्किलें, 2050 तक हालात और भी बिगड़ने की चेतावनी
क्या यह हार्ट हेल्थ या नर्वस सिस्टम से जुड़ी कोई गंभीर चेतावनी है?
जी हां, अगर यह समस्या बार-बार होती है, तो यह संकेत है कि आपका बैरोरिफ्लेक्स तंत्र ठीक से काम नहीं कर रहा है। यह तंत्र बीपी को नियंत्रित करता है। बार-बार चक्कर आना दिल की धड़कन के अनियमित होने या नसों की क्षति का लक्षण हो सकता है। इसे नजरअंदाज करने से अचानक गिरने और गंभीर चोट लगने का खतरा रहता है, जो बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से जानलेवा साबित हो सकता है।
ये भी पढ़ें- Health Alert: दिल्ली में भी दूषित जल का संकट! पीने के पानी में अमोनिया की बढ़ी मात्रा कितनी खतरनाक?
इस समस्या से बचने के लिए जीवनशैली में क्या सुधार करने चाहिए?
इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कुछ आसान कदम उठाए जा सकते हैं-
- धीरे उठें: बिस्तर से उठते समय पहले कुछ देर बैठें, फिर धीरे से खड़े हों।
- हाइड्रेशन: दिन भर पर्याप्त पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का सेवन करें।
- नमक का संतुलन: डॉक्टर की सलाह पर आहार में नमक की मात्रा संतुलित करें।
- व्यायाम: पैरों की मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम करें ताकि खून वापस मस्तिष्क की ओर पंप हो सके।
शरीर के संकेतों को पहचानें और समय पर कदम उठाएं
अचानक आने वाले चक्कर को मामूली समझकर छोड़ देना भविष्य में बड़ी मुसीबत बन सकता है। अगर सावधानियों के बावजूद चक्कर आना बंद न हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और 'टिल्ट टेबल टेस्ट' या ब्लड वर्क करवाएं। ध्यान रखें, आपका शरीर संकेतों के जरिए आपसे बात करता है। इन संकेतों को समय पर समझना ही बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।