बढ़ा हुआ पेट या बेली फैट की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी इसका शिकार हो रहे हैं। बेली फैट को अक्सर लोग लुक्स की खराबी से जोड़कर देखते हैं पर क्या आप जानते हैं कि ये स्थिति आपकी पूरी सेहत के लिए मुश्किलें बढ़ाने वाली हो सकती है?
Belly Fat: आपका बढ़ा हुआ पेट बन सकता है कई खतरनाक कैंसर की वजह, आज से ही शुरू कर दें कम करने वाले उपाय
अधिक वजन और विशेष रूप से पेट पर जमा अतिरिक्त चर्बी का संबंध कई तरह के कैंसर से देखा गया है। इसका मतलब यह नहीं कि हर व्यक्ति जिसका पेट निकला हुआ है, उसे कैंसर होगा हालांकि ऐसे लोगों को अलर्ट रहना चाहिए।
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अधिक वजन और विशेष रूप से पेट पर जमा अतिरिक्त चर्बी को कई अध्ययनों में कैंसर का खतरा बढ़ाने वाला पाया गया है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि हर व्यक्ति जिसका पेट निकला हुआ है, उसे कैंसर होगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ऐसे लोगों को अपनी सेहत को लेकर जरूर अलर्ट रहना चाहिए। अगर समय रहते खान-पान लाइफस्टाइल में सुधार कर लिया जाए तो इससे बेली फैट और इसके कारण होने वाली समस्याओं के खतरे को कम किया जा सकता है।
क्या आप जानते हैं कि बेली फैटी एक-दो नहीं बल्कि कई तरह के कैंसर का कारण बन सकता है?
कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा
अध्ययनों में बढ़े हुए पेट को बड़ी आंत और मलाशय के कैंसर के जोखिम को बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों में से एक माना जाता है।
- पेट के आसपास जमा विसरल फैट शरीर में लगातार सूजन पैदा करती है और इंसुलिन व IGF-1 (इंसुलिन-लाइक ग्रोथ फैक्टर-1) के स्तर को प्रभावित कर सकती है।
- ये बदलाव कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि को बढ़ावा दे सकते हैं।
- मोटापे के कारण आंतों के माइक्रोबायोम में भी बदलाव हो सकता है, जिससे कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है।
लिवर और पैंक्रियाज कैंसर का जोखिम
- पेट की अतिरिक्त चर्बी को नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज का कारण माना जाता है। जब लिवर में जरूरत से ज्यादा वसा जमा होने लगती है, तो समय के साथ ये सूजन और फाइब्रोसिस का खतरा बढ़ा देती है। यह स्थिति आगे चलकर सिरोसिस और फिर लिवर कैंसर का जोखिम बढ़ा सकती है।
- इसी तरह बेली फैट वाले लोगों में अग्नाशय के कैंसर का जोखिम भी ज्यादा होता है। अधिक वजन वाले लोगों में टाइप-2 डायबिटीज का खतरा भी बढ़ता है, ये पैंक्रियाज कैंसर के जोखिम से जुड़ा हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अच्छी सेहत के लिए केवल वजन देखना पर्याप्त नहीं है, कमर की माप भी लेते रहें। सामान्यतः पुरुषों में 90 सेमी (लगभग 35 इंच) और महिलाओं में 80 सेमी (लगभग 31.5 इंच) से अधिक कमर का घेरा स्वास्थ्य जोखिम बढ़ने का संकेत माना जाता है।
अगर आपका पेट भी बढ़ा हुआ है तो इसे कम करने वाले उपाय करें। रोज व्यायाम, चीनी का सेवन कम करना और आहार में फाइबर-प्रोटीन को बढ़ाना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।