शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खानपान को ठीक रखना सबसे जरूरी माना जाता है। विशेषज्ञ सभी लोगों को आहार में पौष्टिक चीजों को शामिल करने की सलाह देते हैं जिससे शरीर को जरूरी तत्वों की आसानी से प्राप्ति हो सके। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ज्यादातर लोग फास्ट फूड, जंक फूड और मीठे पदार्थों का अधिक सेवन कर रहे हैं, इससे वजन बढ़ने से लेकर डायबिटीज तक की समस्या हो सकती है। इस तरह की चीजों के सेवन को कम करने की सलाह दी जाती है।
Health Alert: चावल, व्हाइट ब्रेड अधिक खाते हैं तो कहीं डिप्रेशन का न बढ़ जाए खतरा? क्या कहते हैं विशेषज्ञ
- द अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, प्रोसेस्ड कार्बोहाइड्रेट से भरपूर आहार रजोनिवृत्त महिलाओं में अवसाद के जोखिमों का कारण बन सकता है।
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कार्बोहाइड्रेट और सेहत पर इसका असर
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कार्बोहाइड्रेट हमारे शरीर को ऊर्जा देने का प्रमुख स्रोत है, लेकिन जब इसकी मात्रा जरूरत से ज्यादा हो जाती है, तो यह नुकसान भी पहुंचाने लगता है। अध्ययनों के अनुसार, हाई कार्बोहाइड्रेट वाले भोजन (जैसे सफेद चावल, ब्रेड, मिठाइयां, कोल्ड ड्रिंक) ब्लड शुगर लेवल को तेजी से बढ़ा देते हैं। लंबे समय तक ऐसा आहार लेने से इंसुलिन रेसिस्टेंस, वजन बढ़ने, टाइप-2 डायबिटीज और हार्ट डिजीज जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
क्या ये मेंटल हेल्थ के लिए भी नुकसानदायक है?
अध्ययन में क्या पता चला?
इससे संबंधित द अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, प्रोसेस्ड कार्बोहाइड्रेट से भरपूर आहार रजोनिवृत्त महिलाओं में अवसाद के जोखिमों का कारण बन सकता है।
कोलंबिया यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर के मनोचिकित्सा विभाग के डॉ जेम्स गैंगविश और उनके सहयोगियों ने ये अध्ययन किया। इसमें 70,000 से अधिक रजोनिवृत्त महिलाओं के आहार ग्लाइसेमिक इंडेक्स, ग्लाइसेमिक लोड, कार्बोहाइड्रेट के प्रकार और अवसाद के आंकड़ों का अध्ययन किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि जो महिलाएं कार्ब्स वाली चीजों का अधिक सेवन करती थीं उनमें डिप्रेशन होने का खतरा अधिक देखा गया।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कार्बोहाइड्रेट के सेवन से रक्त शर्करा का स्तर में बदलाव होता रहता है। कार्बोहाइड्रेट जितना अधिक प्रोसेस्ड होगा, ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) पैमाने पर उसका स्कोर उतना ही अधिक होगा।
आहार विशेषज्ञ कहती हैं, शरीर को अच्छे से काम करने के लिए कार्ब्स की जरूरत होती है। शरीर को ऊर्जा प्रदान करने के लिए ये बहुत आवश्यक है। इससे पूरी तरह से दूरी बना लेना भी ठीक नहीं है, बस इसका सेवन कम करना चाहिए।
अमेरिकी आहार गाइडलाइंस के मुताबिक आपको अपने दैनिक कैलोरी का 45%-65 प्रतिशत हिस्सा कार्बोहाइड्रेट से प्राप्त करना चाहिए। यदि आप प्रतिदिन 2,000 कैलोरी लेते हैं तो 900 से 1,300 कैलोरी कार्बोहाइड्रेट से लेनी चाहिए। इसका मतलब है प्रतिदिन 225-325 ग्राम कार्ब्स हमारी सेहत के लिए जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।