How To Eat Rice In Diabetes: भारतीय खान-पान की परंपरा में चावल केवल एक भोजन नहीं हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। उत्तर से लेकर दक्षिण तक अधिकांश घरों में थाली बिना चावल के अधूरी मानी जाती है। मगर जब बात एक डायबिटीज रोगी की आती है, तो यही सफेद चावल उनकी सेहत के लिए एक 'मीठा जहर' साबित हो सकती है।
Diabetes: डायबिटीज मरीजों को चावल खाने से क्या होता है? ये एक लापरवाही पड़ सकती है भारी
Rice For Diabetes Patients: अक्सर डायबिटीज के मरीजों को चावल खाने को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल रहते हैं। एक सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिनका शुगर लेवल अधिक रहता है क्या उन्हें चावल खाना चाहिए? आइए इस लेख में इसी का जवाब जानते हैं।
सफेद चावल और ब्लड शुगर का संबंध
सफेद चावल पॉलिश किया हुआ होता है, जिससे इसके ऊपर की फाइबर वाली परत हट जाती है। बिना फाइबर के कार्बोहाइड्रेट सीधे शुगर में बदल जाता है। जब कोई डायबिटीज रोगी सफेद चावल खाता है, तो उसके शरीर में इंसुलिन का संतुलन बिगड़ जाता है। इससे न सिर्फ शुगर बढ़ती है, बल्कि बार-बार भूख लगना और थकान जैसे लक्षण भी पैदा होते हैं।
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चावल खाने का सही तरीका और विकल्प
अगर आप चावल के बिना नहीं रह सकते, तो सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस या लाल चावल का चुनाव करें। इनमें फाइबर अधिक होता है जो शुगर के अवशोषण को धीमा कर देता है। इसके अलावा चावल को हमेशा खूब सारी हरी सब्जियों और दाल के साथ मिलाकर खाएं। इससे भोजन का संपूर्ण ग्लाइसेमिक लोड कम हो जाता है और शुगर लेवल अचानक नहीं बढ़ता।
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पकाने की विधि है महत्वपूर्ण
डायबिटीज में चावल की 'क्वांटिटी' सबसे ज्यादा मायने रखती है। विशेषज्ञों की सलाह है कि एक बार में एक छोटी कटोरी से ज्यादा चावल न लें। साथ ही चावल को 'प्रेशर कुकर' के बजाय खुले बर्तन में मांड निकालकर पकाएं। पके हुए चावल को ठंडा करके खाने से भी इसका 'रेसिस्टेंट स्टार्च' बढ़ जाता है, जो शुगर कंट्रोल में मदद करता है।
क्या करें?
डायबिटीज एक 'मैनेजमेंट' वाली बीमारी है। चावल खाने में थोड़ी सी भी लापरवाही आपके अंगों को स्थायी नुकसान पहुंचा सकती है। हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही डाइट चार्ट का पालन करें। ध्यान रखें स्वाद से ज्यादा आपकी सेहत की सुरक्षा जरूरी है। सही चुनाव और सीमित मात्रा ही आपको इस बीमारी के खतरों से बचाकर एक एक्टिव और स्वस्थ जीवन जीने में मदद करती है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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