HIV Vaccine: हाल के दशकों में जिन बीमारियों ने लोगों को सबसे ज्यादा डराया है, एड्स उनमें से एक है। एचआईवी का संक्रमण, एड्स रोग का कारण बनता है। एक्वायर्ड इम्यूनोडेफिशिएंसी सिंड्रोम (एड्स) को लाइलाज बीमारी माना जाता रहा है पर मेडिकल साइंस में हुई प्रगति और नवीनतम शोधों के चलते अब इससे जान जाने के खतरे को कम किया जा सकता है। हाल के वर्षों में कई प्रभावी दवाएं सामने आई हैं जिनको लेकर शोधकर्ताओं का दावा है कि इनसे इस जानलेवा बीमारी के जोखिमों को कम किया जा सकता है।
HIV & AIDS: एचआईवी को लेकर अब चिंता की जरूरत नहीं, बचाव के लिए आ गई 100% प्रभावशीलता वाली वैक्सीन
एचआईवी संक्रमण से बचाव के लिए फूड एण्ड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने पहली बार साल में दो बार दिए जाने वाले टीके को मंजूरी दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस टीके की मदद से संक्रमण की रोकथाम में विशेष मदद मिल सकती है।
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हर साल लाखों लोग होते हैं एचआईवी का शिकार
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2023 में अकेले भारत में अनुमानित 39.9 मिलियन (करीब 4 करोड़) लोग एचआईवी संक्रमण की चपेट में आए। एचआईवी संक्रमण ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस के कारण होता है। संक्रमण मुख्य रूप से असुरक्षित यौन संपर्क, सुइयों को साझा करने और गर्भावस्था-प्रसव या स्तनपान के दौरान मां से बच्चे में हो सकता है।
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संक्रमण से बचाव के लिए टीके को मंजूरी
विशेषज्ञों ने कहा, इस टीके की मदद से संक्रमण होने के खतरे को किया जा सकता है। ये मूल रूप से 2012 में एचआईवी से पीड़ित लोगों के लिए एक उपचार के रूप में स्वीकृत की गई दवा है, जिसे लेनाकापाविर के रूप में जाना जाता है।
विशेषज्ञों ने अब एचआईवी की रोकथाम के लिए इसे येज्तुगो नाम से स्वीकृति दी है। वायरस के संपर्क में आने से पहले इससे टीकाकरण हो जाए तो न सिर्फ संक्रमण के खतरे को कम किया जा सकता है बल्कि ये एड्स से भी आपको बचाने में मददगार है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
यूएस स्थित एमोरी यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन में संक्रामक रोगों के प्रभाग में प्रोफेसर कार्लोस डेल रियो ने कहा कि साल में सिर्फ दो बार टीका लगवाने से एचआईवी के खतरे को काफी कम करने में मदद मिल सकती है। येज्तुगो एक प्रभावी प्री-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस विकल्प हो सकता है जिसका हम इंतजार कर रहे थे।
अध्ययनों में देखी गई है इसकी प्रभाविकता
दवा की निर्माता कंपनी गिलियड ने कहा कि एफडीए ने दो प्रमुख अध्ययनों के आधार पर येज्तुगो को मंजूरी दी है, जिसमें दिखाया गया है कि यह एचआईवी को रोकने के लिए अब तक दिए जाने वाले कई उपचारों से कहीं अधिक प्रभावी हो सकती है। इसकी प्रभावशीलता दर लगभग 99% देखी गई है।
एक परीक्षण में, येज्तुगो लेने वाली 2,134 महिलाओं में से किसी को भी एचआईवी नहीं हुआ। साल में दो टीके (छह महीने में एक शॉट) की मदद से संक्रमण से बचाव में लाभ पाया जा सकता है।
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स्रोत
Yeztugo® (Lenacapavir) Is Now the First and Only FDA-Approved HIV Prevention Option Offering 6 Months of Protection
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