Benefits of Outdoor Games for Kids: गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों ने मोबाइल गेम की लत के चलते उठाए गए आत्मघाती कदम ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दुखद घटना ने डिजिटल दुनिया के उस डार्क साइड को उजागर किया है, जहां बच्चे बंद कमरों में मोबाइल स्क्रीन पर अधिक समय बिता रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, इस समस्या का सबसे प्रभावी समाधान 'आउटडोर गेम्स' है।
Ghaziabad Case: बच्चों के लिए कितना जरूरी है आउटडोर गेम्स, जानें खेलकूद का मेंटल हेल्थ पर प्रभाव
Ghaziabad Triple Suicide Case Analysis: गाजियाबाद में कोरियन कल्चर से प्रभावित तीन बहनों ने जो गलत कदम उठाया है उसके बाद से देशभर के कई पेरेटंस बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं। बच्चों के मोबाइल की लत की वजह से कई पेरेंट्स परेशान रहते हैं, ऐसे में आपको क्या करना चाहिए आइए इस लेख में जानते हैं।
तनाव और एंग्जायटी का प्राकृतिक उपचार
आउटडोर गेम्स बच्चों के लिए एक 'नेचुरल स्ट्रेस बूस्टर' की तरह काम करते हैं। जब बच्चे दौड़ते-भागते हैं, तो उनके मस्तिष्क में ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ता है, जिससे एकाग्रता और याददाश्त में सुधार होता है।
यह शारीरिक सक्रियता कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन्स के स्तर को कम करती है। मोबाइल गेम्स जहां बच्चों को चिड़चिड़ा और हिंसक बनाते हैं, वहीं आउटडोर खेल उन्हें धैर्य और मानसिक शांति प्रदान करते हैं, जिससे सुसाइडल टेंडेंसी जैसे नकारात्मक विचार दूर रहते हैं।
सामाजिक कौशल और टीम भावना का विकास
ऑनलाइन गेमिंग बच्चों को समाज से काटकर एक 'आइसोलेशन' यानी अकेलेपन में धकेल देती है। इसके विपरीत, फुटबॉल, क्रिकेट या कबड्डी जैसे खेल बच्चों को एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करना सिखाते हैं। मैदान पर वे जीत का जश्न मनाना और हार से सीखना सीखते हैं। यह 'सोशल इंटरेक्शन' बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाता है और उन्हें वास्तविक दुनिया की चुनौतियों का सामना करने के लिए मानसिक रूप से तैयार करता है।
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हड्डियों की मजबूती और गहरी नींद के फायदे
बाहर खेलने से बच्चों को पर्याप्त मात्रा में 'विटामिन-D' मिलता है, जो हड्डियों के विकास और मजबूत इम्यून सिस्टम के लिए जरूरी है। शारीरिक थकान के कारण बच्चों को रात में गहरी और प्राकृतिक नींद आती है। अच्छी नींद सीधे तौर पर बेहतर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी है। इसके विपरीत, देर रात तक मोबाइल पर गेम खेलने से बच्चों की स्लीप साइकिल बिगड़ जाती है, जो आगे चलकर डिप्रेशन और गंभीर मानसिक विकारों का कारण बनती है।
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गाजियाबाद की घटना एक चेतावनी है कि हमें अपने बच्चों के हाथों से स्मार्टफोन के स्क्रिन टाइम को लिमिच करें और उन्हें आउटडोर गेम्स के लिए प्रेरित करें। माता-पिता को चाहिए कि वे स्वयं भी बच्चों के साथ मैदान में समय बिताएं। डिजिटल डिटॉक्स का सबसे सरल तरीका यही है कि बच्चों को वास्तविक खेलों का रोमांच महसूस कराया जाए। ध्यान रखें एक हेल्दी शरीर के भीतर ही एक स्वस्थ और मजबूत दिमाग निवास करता है, जो किसी भी बाहरी दबाव में टूटने के बजाय उससे लड़ना जानता है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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