Obesity And Chronic Kidney Disease Link: मोटापा केवल शरीर की बनावट में बदलाव नहीं है, बल्कि यह एक जटिल मेटाबॉलिक स्थिति है जो शरीर के हर महत्वपूर्ण अंग को प्रभावित करती है। जब शरीर में अतिरिक्त फैट जमा होती है, तो यह केवल त्वचा के नीचे ही नहीं, बल्कि आंतरिक अंगों के आसपास भी जमा होने लगती है, जिसे 'विसरल फैट' कहा जाता है।
Obesity Health Risk: वजन बढ़ने से हार्ट के साथ लिवर-किडनी पर भी पड़ता है प्रभाव, जान लें इसके पीछे का विज्ञान
Impact of Weight Gain on Heart : अधिकतर लोगों को ये मालूम होगा कि शरीर का वजन संतुलित रखना चाहिए, इससे आप अच्छे और आकर्षक दिखते हैं। मगर ये बहुत कम लोगों को मालूम है कि मोटापा न सिर्फ आपके लुक को बल्कि आपके शरीर के आंतरिक अंगों को भी प्रभावित करता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
हृदय स्वास्थ्य और मोटापे का सीधा संबंध
अतिरिक्त वजन ब्लड प्रेशर को बढ़ाता है और नसों में कोलेस्ट्रॉल जमा होने की प्रक्रिया को तेज कर देता है। इससे धमनियां संकरी हो जाती हैं, जिससे एथेरोस्क्लेरोसिस और हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ जाता है। इसके अलावा मोटापे के कारण 'स्लीप एपनिया' जैसी स्थिति पैदा होती है, जो ऑक्सीजन के लेवल को कम कर हृदय पर तनाव बढ़ाती है, जिससे समय से पहले हार्ट फेलियर की आशंका बढ़ जाती है।
फैटी लिवर
लिवर शरीर का इंजन है, लेकिन मोटापे के कारण इसमें वसा का संचय होने लगता है, जिसे 'नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज' कहते हैं। यह वसा लिवर में सूजन पैदा करती है, जो धीरे-धीरे 'लिवर सिरोसिस' या 'लिवर फेलियर' का कारण बन सकती है। जब लिवर वसा से भर जाता है, तो इसकी विषाक्त पदार्थों को साफ करने की क्षमता कम हो जाती है, जो पूरे मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ देती है।
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किडनी पर बढ़ता फिल्टरेशन का बोझ
मोटापा सीधे तौर पर किडनी की कार्यक्षमता को प्रभावित करता है। शरीर के बढ़े हुए हिस्से की जरूरतों को पूरा करने के लिए किडनी को अधिक खून फिल्टर करना पड़ता है, जिसे 'हाइपरफिल्ट्रेशन' कहते हैं। लंबे समय तक अधिक दबाव रहने से किडनी की सूक्ष्म फिल्टरिंग इकाइयां प्रभावित हो जाती हैं। इसके साथ ही मोटापा डायबिटीज और हाई बीपी का मुख्य कारण है, जो अंत में क्रोनिक किडनी डिजीज की ओर ले जाता है।
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अच्छी जीवनशैली ही है एकमात्र बचाव
मोटापे के विज्ञान को समझकर यह स्पष्ट है कि वजन कम करना केवल सौंदर्य के लिए नहीं, बल्कि अच्छे सेहत और आंतरिक अंगों की सुरक्षा के लिए भी बहुत जरूरी है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद के माध्यम से आप इन गंभीर जोखिमों को कम कर सकते हैं। समय रहते वजन पर नियंत्रण पाने से न केवल हृदय सुरक्षित रहता है, बल्कि लिवर और किडनी भी स्वस्थ रहता है।
स्रोत और संदर्भ
Critical Correlation Between Obesity and Cardiovascular Diseases and Recent Advancements in Obesity
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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