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भारत सहित दुनिया के तमाम हिस्सों में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है। इस वैरिएंट को अध्ययनों में बेहद संक्रामक बताया जा रहा है, जिसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतने के उपाय करते रहने की सलाह देते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जिस तरह से दूसरी लहर के दौरान संक्रमण से बचाव के उपायों को प्रयोग में लाया जा रहा था, उसी तरह से सभी लोगों को फिर से सावधानी बरतते हुए कोरोना से बचाव के तरीकों को प्रयोग में लाना चाहिए। ओमिक्रॉन वैरिएंट शरीर में वैक्सीनेशन से बनी प्रतिरक्षा को चकमा देने में सक्षम है, ऐसे में संक्रमण का खतरा उन लोगों के लिए भी बना हुआ है जिनका वैक्सीनेशन हो चुका है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच हम सभी को ऐसी कोई भी गलती नहीं करनी चाहिए जो संक्रमण के जोखिम को बढ़ा सकती हों। आइए जानते हैं संक्रमण से बचे रहने के लिए किन आदतों को तुरंत छोड़ देना चाहिए।
सावधान: ऐसी आदतें बढ़ा सकती हैं कोरोना संक्रमण का जोखिम, तुरंत कर लें सुधार वरना बढ़ जाएगी मुसीबत
मास्क न पहनना
अमर उजाला से बातचीत में उजाला सिग्नस हॉस्पिटल्स के निदेशक डॉ शुचिन बजाज बताते हैं, कोरोना के तमाम वैरिएंट्स से सुरक्षित रहने के लिए मास्क पहनना सबसे बेहतर विकल्प हो सकता है। मास्क न पहनने से संक्रमित होने का जोखिम बढ़ जाता है। ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए लोगों को मास्क न पहनने की गलती बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए।
वैक्सीन की एक डोज पर्याप्त नहीं
डॉ शुचिन बताते हैं, ओमिक्रॉन वैरिएंट में देखे गए म्यूटेशन इसे दोनों डोज ले चुके लोगों को भी संक्रमित करने की क्षमता देते हैं। ऐसे में जिन लोगों का वैक्सीनेशन पूरा नहीं हुआ है, या फिर जिन्हें टीके की सिर्फ एक डोज ही मिल सकी है, उनमें अन्य लोगों की तुलना में संक्रमण का खतरा अधिक हो सकता है। ऐसे में ओमिक्रॉन से बचने के लिए समय रहते दोनों डोज ले लेना बहुत आवश्यक है।
फलों-सब्जियों का बिना धोएं सेवन करना
अगर आप भी बाजार से आने वाली फलों-सब्जियों को बिना धोए ही उपयोग में ला रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। आपकी यह आदत संक्रमण के जोखिम को बढ़ावा दे सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक सतह पर कोरोना का वायरस लंबे समय तक मौजूद हो सकता है। ऐसें में बिना धोए चीजों का सेवन आपको गंभीर मुसीबत में डाल सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है।
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