Sleep Cycle Kaise Thik Kare: आज के डिजिटल युग में, 'स्लीप साइकिल' या नींद के चक्र का बिगड़ना एक वैश्विक महामारी बन चुका है। देर रात तक मोबाइल स्क्रीन से चिपके रहना, काम का तनाव और अनियमित खान-पान ने कई लोगों के सर्केडियन रिदम (जैविक घड़ी) को अस्त-व्यस्त कर दिया है। जब हम अपनी नेचुरल नींद के साथ खिलवाड़ करते हैं, तो इसका सीधा असर हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ता है।
Health Tips: क्या आपकी भी स्लीप साइकिल खराब हो गई है? इन उपायों से तीन दिनों में ठीक हो सकती है नींद की समस्या
Sleep Cycle Disorder: स्लीप साइकिल खराब होना एक सामान्य समस्या है, जिससे लगभग सभी लोग कभी न कभी जरूर परेशान होते हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर ये आदत लंबे समय तक बनी रही तो आपको कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए आइए इस लेख में इसे सुधारने के बारे में जानते हैं।
तीन दिनों में नींद ठीक करने के लिए क्या करें?
अपनी स्लीप साइकिल को रीसेट करने के लिए इन चरणों का पालन करें-
- अगले तीन दिनों तक, चाहे जो हो जाए, सोने और जागने का एक ही समय तय करें।
- सोने का जो भी समय तय करें, उससे ठीक 1 घंटा पहले सभी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को खुद से दूर कर दें।
- जागने के तुरंत बाद 15-20 मिनट प्राकृतिक धूप में बिताएं, यह आपके मस्तिष्क को 'जागने' का संकेत देता है।
- दोपहर 2 बजे के बाद चाय या कॉफी का सेवन पूरी तरह बंद कर दें।
स्लीप साइकिल बिगड़ने के मुख्य कारण क्या हैं?
नींद की समस्या रातों-रात पैदा नहीं होती, इसके पीछे हमारी ये गलतियां जिम्मेदार होती हैं-
- मोबाइल और लैपटॉप से निकलने वाली नीली रोशनी 'मेलाटोनिन' हार्मोन के उत्पादन को रोक देती है।
- सोने से ठीक पहले भारी भोजन करने से पाचन तंत्र सक्रिय रहता है, जिससे गहरी नींद नहीं आती।
- दिन के समय लंबी नींद लेने से रात की प्राकृतिक थकान खत्म हो जाती है।
- दिनभर बैठे रहने से शरीर की ऊर्जा खर्च नहीं होती, जिससे रात को बेचैनी होती है।
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अगर नींद ठीक न हुई तो आगे क्या प्रभाव पड़ेगा?
खराब नींद को नजरअंदाज करना आपके भविष्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है-
- लगातार नींद की कमी से एंग्जायटी, पैनिक अटैक और याददाश्त कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है।
- अधूरी नींद मोटापे और टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को कई गुना बढ़ा देती है।
- नींद की कमी से ब्लड प्रेशर बढ़ता है, जो लंबे समय में स्ट्रोक या हार्ट अटैक का कारण बन सकता है।
- शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता घट जाती है, जिससे आप बार-बार बीमार पड़ने लगते हैं।
स्लीप साइकिल को ठीक करना कोई रॉकेट साइंस नहीं है, बल्कि यह आपकी इच्छाशक्ति और अनुशासन का मामला है। शुरुआती तीन दिन चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, लेकिन जब आपका शरीर नए पैटर्न को अपना लेगा, तो आप सुबह तरोताजा महसूस करेंगे। ध्यान रखें, अच्छी नींद स्वस्थ जीवन यापन करने के लिए एक बुनियादी जरूरत है। अपने गैजेट्स को थोड़ा आराम दें और अपनी जैविक घड़ी को सुधारने पर फोकस करें।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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