ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस (एचआईवी) संक्रमण के मामले वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय रहे हैं। ये हर साल लाखों लोगों की मौत का कारण भी बन रहा है।
HIV Alert: देश का ये राज्य बना एचआईवी हॉटस्पॉट, नेशनल एवरेज से 13 गुना ज्यादा मामले; क्यों बदतर हो रहे हालात?
HIV Infection In India: एचआईवी संक्रमण के मामले वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का कारण रहे हैं। मिजोरम में एचआईवी के बढ़ते मामलों ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य मंत्री लालरिनपुई ने कहा कि राज्य में एचआईवी के मामले नेशनल एवरेज से 13 गुना ज्यादा हैं। ये बड़ा खतरा है, जिसे लेकर सभी लोगों को अलर्ट हो जाना चाहिए।
मिजोरम में एचआईवी का बढ़ता खतरा
मिजोरम की स्वास्थ्य मंत्री लालरिनपुई ने राज्य में एचआईवी के बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता जताई है। डेटा से पता चलता है कि मिजोरम में एचआईवी के मामले नेशनल एवरेज से 13 गुना ज्यादा हैं।
- स्वास्थ्य मंत्री ने इसे "सबका अपमान" बताते हुए लोगों से संक्रमण की रोकथाम को लेकर अपील की है।
- गौरतलब है कि एचआईवी की नेशनल प्रिवेलेंस रेट 0.2 प्रतिशत है, मिजोरम में ये बढ़कर 2.74 प्रतिशत हो गया है।
- प्रिवेलेंस किसी खास समय पर किसी खास आबादी में बीमारी के मौजूदा मामलों (पुराने और नए दोनों) की कुल संख्या को मापता है।
थोड़ी सी सावधानी 70% तक कम कर सकती है संक्रमण का खतरा
मिजोरम में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री लालरिनपुई ने कहा, ये मिजो समाज के लिए शर्म की बात है। राज्य में एचआईवी संक्रमण के ज्यादातर मामले असुरक्षित यौन संबंधों के कारण बढ़ रहे हैं, जो सभी मामलों का 70% है जिसे सावधानी बरतकर आसानी से रोका जा सकता था।
- स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, राज्य में बढ़ते एचआईवी के मामले स्वास्थ्य के लिए तो संकट का विषय हैं ही साथ ही ये मिजो समाज के नैतिक और धार्मिक मूल्यों के भी खिलाफ है। मिजोरम के भविष्य को बचाने के लिए हमारे युवाओं को सतर्क रहना होगा।
- स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, कंडोम के इस्तेमाल जैसे तरीके इस यौन संचारित रोग को रोकने का सबसे सुरक्षित तरीका है।
- राज्य में कंडोम के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए लव ब्रिगेड 2.0 कैंपेन का भी जिक्र किया।
एचआईवी संक्रमण और इसका खतरा
एचआईवी/एड्स को लेकर सामाजिक टैबू और इसपर बातचीत को लेकर लोगों में शर्म के कारण ये बीमारी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई है।
अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि महिला या पुरुष किसे एचआईवी संक्रमण का खतरा अधिक होता है? इस बारे में यूनाइटेड नेशंस की रिपोर्ट से पता चलता है कि पुरुषों की तुलना में महिलाएं इस संक्रमण और एड्स रोग का अधिक शिकार होती हैं।
साल 2022 में इस वायरस से पीड़ित 39 मिलियन लोगों में से 53% महिलाएं थीं। हालांकि, ट्रेंड इलाके के हिसाब से अलग-अलग होते हैं। सब-सहारा अफ्रीका के बाहर ज्यादातर इलाकों में सामने आने वाले नए मामलों में 70% से ज्यादा पुरुष होते हैं।
ठीक हो सकता है एचआईवी का संक्रमण?
एचआईवी संक्रमण को लेकर लोगों के मन में एक बड़ा सवाल ये भी रहा है कि क्या ये बीमारी लाइलाज है?
कुछ दशकों पहले तक एड्स को लाइलाज बीमारी माना जाता था, हालांकि वैज्ञानिक शोध और कारगर दवाओं ने इसके इलाज को आसान बना दिया है। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर एचआईवी संक्रमण की रोकथाम के लिए भी व्यापक अभियान चलाए जा रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप इस संक्रमण के फैलने की गति को भी नियंत्रित करने में मदद मिली है।
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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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