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HIV & Diabetes: एचआईवी के मरीजों के लिए अच्छी खबर, डायबिटीज का शिकार हैं तो आपके लिए भी राहत

Sun, 02 Aug 2026 04:15 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sun, 02 Aug 2026 04:15 PM IST
सार

राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने एचआईवी और डायबिटीज के मरीजों के लिए राहत भरा फैसला लिया है। प्राधिकरण की विशेषज्ञ समिति ने नई पीढ़ी ने एचआईवी और डायबिटीज में इस्तेमाल होने वाली कई दवाओं की खुदरा कीमत निर्धारित कर दी है । इस कदम से मरीजों पर इलाज का आर्थिक बोझ कम होने, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बढ़ने और लंबे समय तक नियमित उपचार जारी रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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एचआईवी मरीजों के लिए अच्छी खबर - फोटो : Adobe stock

एचआईवी और डायबिटीज जैसी बीमारियां सिर्फ शरीर को ही नहीं, बल्कि मरीज और उसके परिवार की आर्थिक स्थिति को भी लंबे समय तक प्रभावित करती हैं। इन दोनों बीमारियों में इलाज अक्सर जीवनभर या कई वर्षों तक लगातार चलता है। ऐसे में दवाओं की कीमत में थोड़ा-सा अंतर भी मरीजों के मासिक खर्च पर बड़ा असर डाल सकता है। यही वजह है कि जब किसी जरूरी दवा की कीमत सरकार की ओर से तय की जाती है या उसे नियंत्रित किया जाता है, तो इसका फायदा सीधे लाखों मरीजों तक पहुंचता है। 



अब राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने ऐसा ही एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है, जो एचआईवी और डायबिटीज दोनों के मरीजों के लिए राहत की खबर माना जा रहा है।

एनपीपीए की विशेषज्ञ समिति ने एचआईवी के इलाज में इस्तेमाल होने वाली नई पीढ़ी की दवा- लैमिवुडीन, टेनोफोविर अलाफेनामाइड और डोल्यूटेग्राविर 50 mg की खुदरा कीमत तय कर दी है। यह दवा आधुनिक एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी का हिस्सा है और एक ही गोली में तीन प्रभावी दवाओं का संयोजन होने के कारण मरीजों के लिए उपचार को आसान और सुविधाजनक बनाती है। सिर्फ एचआईवी ही नहीं, बल्कि देश में तेजी से बढ़ रहे डायबिटीज के मामलों को देखते हुए भी एनपीपीए ने अहम कदम उठाया है। 

आइए इस बारे में विस्तार से जान लेते हैं।

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एचआईवी संक्रमण का खतरा और इलाज - फोटो : Adobe Stock

एचआईवी के इलाज की दवाएं

एचआईवी के इलाज में इस्तेमाल होने वाली नई पीढ़ी की दवा को लेकर राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण की विशेषज्ञ समिति ने बड़ा फैसला लिया है।
 

  • लैमिवुडीन 300 एमजी, टेनोफोविर अलाफेनामाइड (टीएएफ) 25 एमजी, डोल्यूटेग्राविर 50 एमजी की नई फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन दवा की खुदरा कीमत 120.07 रुपये प्रति टैबलेट तय की गई है। 


यह पहली बार है जब इस नई दवा का आधिकारिक खुदरा मूल्य तय किया गया है। भारत में लगभग 25.61 लाख लोग एचआईवी से संक्रमित हैं। इसमें 55% पुरुष, 44% महिलाएं और करीब 57,000 बच्चे हैं, जिनकी उम्र 0-14 वर्ष है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस दवा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें पहले इस्तेमाल होने वाले टेनोफोविर डिसोप्रोक्सिल फ्यूमरेट की जगह टेनोफोविर अलाफेनामाइड (टीएएफ) का इस्तेमाल किया गया है।

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डायबिटीज की दवा - फोटो : Adobe Stock

डायबिटीज की दवा के दाम भी तय

डायबिटीज के मरीजों को भी राहत देते हुए एनपीपीए ने ग्लाइमेपिराइड 3 एमजी और 4 एमजी टैबलेट की खुदरा कीमत तय कर दी है। अब ग्लाइमेपिराइड 3 एमजी की एक टैबलेट की कीमत 12.48 रुपये, जबकि 4 एमजी की एक टैबलेट की कीमत 13.47 रुपये (जीएसटी अलग) होगी। नई कीमतें यूनिसन फार्मास्युटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड की दवाओं पर लागू होंगी।
 


गले के संक्रमण की दवा को मूल्य नियंत्रण से छूट

विशेषज्ञ समिति ने गले के संक्रमण के इलाज में इस्तेमाल होने वाली पोविडोन आयोडीन थ्रोट स्प्रे 0.45% को ड्रग्स (प्राइस कंट्रोल) ऑर्डर (डीपीसीओ), 2013 के तहत पांच वर्ष तक मूल्य नियंत्रण से छूट दी है। समिति ने माना कि यह भारत में स्वदेशी तरीके से विकसित किया गया नया ड्रग है। कंपनी ने डीएसआईआर से मान्यता प्राप्त अनुसंधान सुविधा, क्लीनिकल ट्रायल, फॉर्मूलेशन विकास और अन्य वैज्ञानिक दस्तावेजों के आधार पर यह साबित किया कि उत्पाद का विकास भारत में ही हुआ है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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