शहद का सेवन वर्षों से कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ के लिए किया जाता रहा है। चीनी के विकल्प के रूप में हो या फिर कई प्रकार के घरेलू उपायों के तौर पर, आयुर्वेद और मेडिकल साइंस दोनों में शहद के विशिष्ट गुणों का जिक्र मिलता है। कई अध्ययनों में जिक्र मिलता है कि सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में नींबू के साथ शहद का सेवन करना आपकी सेहत के लिए विशेष लाभप्रद हो सकता है। शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने के साथ वजन घटाने के लिए इसका प्रयोग काफी लाभकारी माना जाता रहा है।
Health Tips: शहद सिर्फ फायदेमंद नहीं, नुकसानदायक भी हो सकता है, ऐसी स्थितियों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
सद्गुरू ने एक पोस्ट में बताया कि शहद को हमेशा ऐसे तापमान में रखना चाहिए जिससे यह सेवन के योग्य बना रहे। शहद के सेवन का सबसे अच्छा तरीका है इसे कच्चा यानी कि इसके स्रोत से खरीदा या निकाला जाता हो। यदि किसी पेय के साथ मिलाकर इसका सेवन करना चाहते हैं तो यह सुनिश्चित करें कि शहद मिलाने से पहले पेय को ठंडा किया जाए। आयुर्वेद भी बताता है कि गर्म चीजों में शहद मिलाकर इसका सेवन शरीर में विषाक्तता का कारण बन सकता है। इसके अलावा शहद का संयमित मात्रा में ही सेवन किया जाना चाहिए, इसके अधिक सेवन के कारण भी कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं।
ब्लड प्रेशर की समस्या
शहद में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करते हैं, लेकिन इसके ज्यादा सेवन से हाइपोटेंशन का खतरा बढ़ सकता है। यानी कि जो लोग इसका अधिक मात्रा में सेवन करते हैं उनमें समय के साथ लो ब्लड प्रेशर की समस्या का खतरा हो सकता है जिसे सेहत के लिए कई प्रकार से नुकसानदायक माना जाता है। ब्लड प्रेशर के रोगियों को इस बारे में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
बढ़ सकता है ब्लड शुगर
ब्लड प्रेशर की ही तरह ब्लड शुगर वाले लोगों के लिए भी शहद के संयमित सेवन की सलाह दी जाती है। शहद में चीनी और कार्बोहाइड्रेट होते हैं इसलिए जब आप शहद का अधिक मात्रा में सेवन करते हैं तो इसके कारण डायबिटीज रोगियों के लिए समस्याओं के बढ़ने का खतरा हो सकता है। यदि आप मधुमेह रोगी हैं, तो बिना डॉक्टरी सलाह के शहद या किसी भी मीठी चीज के सेवन से बचना चाहिए।
दांतों की समस्या
बहुत अधिक मात्रा में शहद दांतों के सड़न को बढ़ावा दे सकता है। यूएसडीए नेशनल न्यूट्रिएंट डेटाबेस के अनुसार, लगभग शहद में लगभग 82% चीनी होता है और यह आपके दांतों को नुकसान पहुंचाने के लिए काफी है। इसके अलावा, शहद प्रकृति में चिपचिपा भी होता है, जिसका अर्थ है कि यह आपके दांतों से चिपककर दांतों की सड़न को बढ़ावा दे सकता है। इसलिए शहद के सेवन के बाद दांतों की सफाई बहुत आवश्यक मानी जाती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। अमर उजाला इस दावे की पुष्टि नहीं करता है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।