लिवर, शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है, हालांकि पिछले कुछ वर्षों में खान-पान और लाइफस्टाइल की समस्याओं के कारण लिवर से संबंधित कई तरह की बीमारियों का जोखिम काफी बढ़ गया है। लिवर सिरोसिस ऐसी ही एक गंभीर समस्या है। सिरोसिस को लिवर की बीमारियों के सबसे उन्नत चरणों में से एक माना जाता है, अगर समय रहते इसका इलाज न कराया जाए तो इसके कारण लिवर फेलियर की समस्या होने का खतरा भी काफी बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों की सलाह: लिवर सिरोसिस से बचना है तो इस बात का रखें विशेष ध्यान, शुरुआती संकेतों की पहचान बहुत आवश्यक
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मोटापा और लिवर सिरोसिस का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शरीर का वजन बढ़ने की स्थिति में अतिरिक्त फैट, लिवर में भी जमा होने लगता है, जिससे लिवर का सामान्य कामकाज प्रभावित हो जाता है। यह आगे चलकर लिवर सिरोसिस या फिर लिवर में घाव जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है। लिवर सिरोसिस की समस्या के शिकार अधिक वजन वाले लोगों में पेट में जलोदर नामक तरल पदार्थ जमा होने लगता है जो अत्यधिक दर्द और गैस का कारण बनता है। इस तरह के संकेतों को लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।
लिवर सिरोसिस के लक्षणों के बारे में जानिए
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि सिरोसिस के लक्षण आपकी बीमारी किस चरण में है, उसके आधार पर हो सकते हैं। कई बार शुरुआती चरणों में कोई भी लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। बीमारी के बढ़ने के साथ शरीर में कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं जिसको लेकर सभी लोगों को अलर्ट रहना चाहिए।
- भूख में कमी।
- कमजोरी या थकान महसूस होना।
- जी मिचलाना।
- अक्सर बुखार रहना।
- अप्रत्याशित रूप से वजन घटना।
बचाव के लिए वजन को रखें कंट्रोल
लिवर रोग विशेषज्ञ कहते हैं, लिवर सिरोसिस जैसी समस्याओं के जोखिम को कम करने के लिए शराब जैसे कारकों से परहेज के साथ वजन को नियंत्रित रखना सबसे आवश्यक माना जाता है। अधिकांशत: लिवर डैमेज को ठीक नहीं किया जा सकता है, ऐसे में सिरोसिस के लक्षणों की पहचान और इस बीमारी से बचाव के उपायों को लेकर सभी लोगों को ध्यान देते रहना चाहिए, भले ही आपको लिवर से संबंधित कोई दिक्कत न हो। वजन को कम रखकर इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
कैसा रखें खान-पान?
लिवर की समस्याओं से बचाव और इस अंग को स्वस्थ बनाए रखने में खान-पान के चुनाव की विशेष भूमिका होती है। जिन लोगों को इस तरह की समस्या है उन्हें पानी पीते रहने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा प्रोटीन और विटामिन्स वाली चीजों के अधिक सेवन के साथ आहार में नमक की मात्रा को कम करके आप लिवर की बीमारियों के जोखिम को कम कर सकते हैं। लिवर की समस्याओं से सुरक्षित रहने के लिए शराब से बिल्कुल दूरी बनाकर रखने की सलाह दी जाती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।