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Covid-19: जिनको वैक्सीन की तीनों डोज लग चुकी है क्या उन्हें भी हो सकता है संक्रमण? डॉक्टर से जानिए

Tue, 27 May 2025 07:43 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Tue, 27 May 2025 07:43 PM IST
सार

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जो लोग तीनों टीके ले चुके हैं, उनमें कोरोना से बचाव के लिए पर्याप्त एंटीबॉडीज हैं, समय के साथ इनका प्रभाव जरूर कम हो सकता है पर एंटीबॉडीज की मेमेरी सेल्स कोरोना का पहचान करके आपको गंभीर जोखिमों से बचाए रखने में मददगार हैं। 

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How Long Do COVID-19 Vaccines Protect You know Risk of Coronavirus Infection After 3 Vaccine Doses
कोरोना और इसका खतरा - फोटो : Freepik.com

कोरोना वायरस के मामले एक बार फिर से दुनियाभर में चिंता बढ़ाने लगे हैं। एशियाई देशों- हांगकांग और सिंगापुर से शुरू हुआ इस बार का संक्रमण भारत-अमेरिका सहित कई अन्य देशों में न सिर्फ बढ़ रहा है, बल्कि लोगों की मौत के भी मामले सामने आ रहे हैं। इस बार के बढ़ते प्रकोप के लिए भी ओमिक्रॉन के ही सब-वैरिंट्स (NB.1.8.1 और LF.7) को जिम्मेदार पाया गया है। 



स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ये वैरिएंट्स ज्यादा चिंताजनक नहीं हैं। हालांकि इनमें कुछ अतिरिक्त म्यूटेशन जरूर देखे गए हैं, जो इन्हें आसानी से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को चकमा देकर लोगों में संक्रमण फैलाने के योग्य बना रहे हैं।

तो क्या सभी लोगों को इसका खतरा हो सकता है, उन लोगों को भी कोरोना का संक्रमण हो सकता है जो पहले से वैक्सीन की डोज और फिर बूस्टर शॉट ले चुके हैं?


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कोरोना की वैक्सीनेशन - फोटो : Freepik.com

टीकाकरण करा चुके लोगों में संक्रमण का खतरा

अमर उजाला से बातचीत में मुंबई स्थित एक निजी अस्पताल में इंटेंसिव केयर यूनिट के डॉक्टर निरंजन अस्थाना बताते हैं, तमाम अध्ययन बताते हैं कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण ही सबसे प्रभावी तरीका रहा है जो आपके शरीर में प्रभावी एंटीबॉडी बनाकर संक्रमण के गंभीर जोखिमों से बचाने में मदद करता है। टीकाकरण के प्रभाव को बढ़ाने के लिए दो डोज के बाद तीसरा डोज (बूस्टर शॉट) लेने की सलाह दी गई थी। वैक्सीनेशन अभी कोरोना से बचाव के लिए सबसे कारगर उपाय है। 

जो लोग तीनों टीके ले चुके हैं, उनमें कोरोना से बचाव के लिए पर्याप्त एंटीबॉडीज हैं, समय के साथ इनका प्रभाव जरूर कम हो सकता है पर एंटीबॉडीज की मेमेरी सेल्स कोरोना का पहचान करके आपको गंभीर जोखिमों से बचाए रखने में मददगार हैं। 

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कोरोना का बढ़ता खतरा - फोटो : Adobe stock photos

वैक्सीनेटेड लोग कितने सुरक्षित?

अब सवाल है कि क्या तीनों डोज ले चुके लोगों को भी इस बार बढ़ता संक्रमण हो सकता है? 

इस बारे में डॉक्टर निरंजन बताते हैं, वैक्सीन कोई भी हो- कोरोना या किसी अन्य बीमारी की, ये आपको संक्रमण की स्थिति में गंभीर रोग या इसके कारण होने वाली जटिलताओं से बचाने में मदद करती हैं। ऐसा नहीं है कि जिन लोगों ने वैक्सीन ले ली है उन्हें कभी संक्रमण नहीं होगा, हां ऐसे लोगों के गंभीर रूप से बीमार होने का खतरा जरूर कम हो जाता है।

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कोरोना के अपडेटेड वैक्सीन - फोटो : Freepik.com

नए वैरिएंट्स को टारगेट करने वाली वैक्सीन

ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स के बढ़ते जोखिमों को  देखते हुए वैज्ञानिकों ने कई अपडेटेड टीके भी तैयार कर लिए हैं। ये टीके नए वैरिएंट्स को लक्षित करके बनाए गए हैं।

हाल ही में अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने नोवावैक्स के एक नए टीके को मंजूरी दी है, हालांकि इसके साथ कुछ शर्तें भी रखी गई हैं। ये टीके सिर्फ उन्हीं लोगों को दिए जा सकेंगे जो इसके लिए उपयुक्त होंगे।

अनुमोदन पत्र के अनुसार, नुवैक्सोविड नामक वैक्सीन का उपयोग 65 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों और 12 से 64 वर्ष के बीच के उन लोगों के लिए किया जा सकेगा जिनमें कम से कम एक अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्या (कोमोरबिडीटी) है। ये स्थितियां कोविड संक्रमण के कारण गंभीर बीमारी विकसित होने के जोखिम को बढ़ाती है। 


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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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