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Side Effect Of Threading Eyebrow: आइब्रो थ्रेडिंग कराने से हो सकता है ये खतरा, पार्लर जाने से पहले जान लें
Wed, 19 Aug 2026 11:53 AM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Wed, 19 Aug 2026 11:53 AM IST
सार
Side Effect Of Threading Eyebrow: महिलाएं अपनी आइब्रो को सुंदर शेप देने के लिए थ्रेडिंग कराती हैं। पर, क्या आप जानते हैं कि ये कितना सही है और इसके क्या नुकसान हैं।
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आइब्रो थ्रेडिंग कराने से हो सकता है ये खतरा
- फोटो : AI
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Side Effect Of Threading Eyebrow: आइब्रो को सही शेप देने के लिए थ्रेडिंग महिलाओं के बीच काफी लोकप्रिय ब्यूटी ट्रीटमेंट है। कुछ मिनटों में भौंहों के अतिरिक्त बाल हटाकर चेहरे को साफ और आकर्षक लुक मिल जाता है। हालांकि, थ्रेडिंग को पूरी तरह जोखिम-मुक्त नहीं माना जा सकता। इस प्रक्रिया में बालों को जड़ से निकाला जाता है, जिससे कुछ लोगों की त्वचा हो सकती है।
आइब्रो थ्रेडिंग कराने से हो सकता है ये खतरा
- फोटो : AI
आइब्रो थ्रेडिंग के संभावित साइड इफेक्ट
1. लालिमा और जलन
थ्रेडिंग के बाद आइब्रो के आसपास हल्की लालिमा, जलन या सूजन होना आम हो सकता है। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों में यह परेशानी थोड़ी ज्यादा समय तक रह सकती है।
2. छोटे दाने या फॉलिकुलाइटिस
थ्रेडिंग में बाल जड़ से निकाले जाते हैं, जिससे हेयर फॉलिकल में जलन या सूजन हो सकती है। इसके कारण छोटे लाल दाने, खुजली या मुंहासे जैसे बंप्स नजर आ सकते हैं।
1. लालिमा और जलन
थ्रेडिंग के बाद आइब्रो के आसपास हल्की लालिमा, जलन या सूजन होना आम हो सकता है। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों में यह परेशानी थोड़ी ज्यादा समय तक रह सकती है।
2. छोटे दाने या फॉलिकुलाइटिस
थ्रेडिंग में बाल जड़ से निकाले जाते हैं, जिससे हेयर फॉलिकल में जलन या सूजन हो सकती है। इसके कारण छोटे लाल दाने, खुजली या मुंहासे जैसे बंप्स नजर आ सकते हैं।
आइब्रो थ्रेडिंग कराने से हो सकता है ये खतरा
- फोटो : AI
3. संक्रमण का खतरा
अगर थ्रेडिंग के दौरान साफ-सफाई का ध्यान न रखा जाए, तो बैक्टीरिया त्वचा में प्रवेश कर सकते हैं। इससे लालिमा, दर्द, सूजन या पस वाले दाने जैसी समस्या हो सकती है। इसलिए साफ-सुथरे पार्लर में ही थ्रेडिंग कराएं।
4. त्वचा पर कट या चोट
आंखों के आसपास की त्वचा काफी नाजुक होती है। गलत तरीके या ज्यादा दबाव से थ्रेडिंग कराने पर त्वचा पर खरोंच, हल्का कट या चोट लग सकती है।
5. आइब्रो का शेप बिगड़ना
अगर थ्रेडिंग करने वाला व्यक्ति अनुभवी नहीं है, तो जरूरत से ज्यादा बाल निकल सकते हैं। इससे दोनों आइब्रो का शेप असमान हो सकता है और बालों के दोबारा उगने में भी समय लग सकता है।
अगर थ्रेडिंग के दौरान साफ-सफाई का ध्यान न रखा जाए, तो बैक्टीरिया त्वचा में प्रवेश कर सकते हैं। इससे लालिमा, दर्द, सूजन या पस वाले दाने जैसी समस्या हो सकती है। इसलिए साफ-सुथरे पार्लर में ही थ्रेडिंग कराएं।
4. त्वचा पर कट या चोट
आंखों के आसपास की त्वचा काफी नाजुक होती है। गलत तरीके या ज्यादा दबाव से थ्रेडिंग कराने पर त्वचा पर खरोंच, हल्का कट या चोट लग सकती है।
5. आइब्रो का शेप बिगड़ना
अगर थ्रेडिंग करने वाला व्यक्ति अनुभवी नहीं है, तो जरूरत से ज्यादा बाल निकल सकते हैं। इससे दोनों आइब्रो का शेप असमान हो सकता है और बालों के दोबारा उगने में भी समय लग सकता है।
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आइब्रो थ्रेडिंग कराने से हो सकता है ये खतरा
- फोटो : AI
थ्रेडिंग से पहले इन बातों का रखें ध्यान
- साफ-सफाई का ध्यान रखने वाले अनुभवी व्यक्ति से ही थ्रेडिंग कराएं
- हर ग्राहक के लिए साफ और नया धागा इस्तेमाल किया जाना चाहिए
- थ्रेडिंग से पहले और बाद में हाथ व त्वचा की स्वच्छता का ध्यान रखें
- अगर त्वचा पर पहले से कट, संक्रमण या तेज जलन है तो थ्रेडिंग टाल दें
- रेटिनॉल/रेटिनॉइड इस्तेमाल करने वालों को थ्रेडिंग से पहले डॉक्टर या त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए
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आइब्रो थ्रेडिंग कराने से हो सकता है ये खतरा
- फोटो : AI
कब डॉक्टर से मिलें?
अगर थ्रेडिंग के बाद लगातार सूजन, बढ़ती लालिमा, दर्द, पस वाले दाने या संक्रमण जैसे लक्षण दिखाई दें, तो त्वचा विशेषज्ञ से संपर्क करें। फॉलिकुलाइटिस में कभी-कभी चिकित्सकीय उपचार की जरूरत पड़ सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
अगर थ्रेडिंग के बाद लगातार सूजन, बढ़ती लालिमा, दर्द, पस वाले दाने या संक्रमण जैसे लक्षण दिखाई दें, तो त्वचा विशेषज्ञ से संपर्क करें। फॉलिकुलाइटिस में कभी-कभी चिकित्सकीय उपचार की जरूरत पड़ सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।