Sarvangasana Kaise Karen: सर्वांगासन योग का एक प्रसिद्ध उल्टा आसन है, जिसे अंग्रेजी में शोल्डर स्टैंड पोज कहा जाता है। इसमें शरीर का भार मुख्य रूप से कंधों और ऊपरी पीठ पर रहता है, जबकि पैर ऊपर की ओर सीधे रखे जाते हैं। योग परंपरा में इसे शरीर और मन के लिए उपयोगी आसन माना जाता है। नियमित और सही तकनीक से अभ्यास करने पर यह संतुलन, शरीर की जागरूकता, कंधों और कोर की ताकत तथा लचीलेपन को बेहतर करने में मदद कर सकता है।
Sarvangasana Benefits: सिर्फ 1 मिनट करें सर्वांगासन! शरीर में दिख सकते हैं ये बड़े बदलाव
Sarvangasana How To Do: सर्वांगासन के नियमित अभ्यास से कई लाभ मिल सकते हैं। रोजाना सिर्फ 1 मिनट का अभ्यास बाॅडी पोश्चर में सुधार लाता है और मासिक धर्म संबंधी विकार को ठीक रखता है।
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सर्वांगासन के फायदे
- कमर और उसके आसपास (जिसे हर्निया भी कहा जाता है) के हिस्सों में होने वाले रोग ठीक किए जा सकते हैं।
- सर्वांगासन का नियमित रूप से अभ्यास शरीर के वजन को कम करने और सही वजन को बनाए रखने में सहायक है।
- महिलाओं में मासिक धर्म संबंधी विकार, बार-बार गर्भपात, प्रदर और बांझपन भी इससे ठीक हो सकता है।
- किडनी के विकार ठीक हो जाते हैं और मूत्राशय भी ठीक से काम करने लगता है।
- इस योग मुद्रा के नियमित अभ्यास से आंखों की रोशनी तेज होती है।
नोट: सर्वांगासन को थायराइड, ब्लड प्रेशर, माइग्रेन, वजन घटाने या किसी अन्य बीमारी का पक्का इलाज नहीं है। यह
सर्वांगासन कैसे करें?
स्टेप 1- मैट पर पीठ के बल सीधे लेटें।
स्टेप 2- दोनों पैरों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं।
स्टेप 3- कूल्हों और कमर को ऊपर उठाते हुए हाथों से पीठ को सहारा दें।
स्टेप 4- धीरे-धीरे पैरों को ऊपर की ओर सीधा करें।
स्टेप 5- शरीर को यथासंभव सीधी लाइन में रखें, लेकिन गर्दन को न मोड़ें और सिर को दाएं-बाएं न घुमाएं।
स्टेप 6- सांस सामान्य रखें।
स्टेप 7- वापस आने के लिए पहले घुटनों को मोड़ें, कमर को धीरे-धीरे नीचे लाएं और अंत में पैरों को जमीन पर रखें।
सर्वांगासन कितनी देर करें?
- शुरुआती व्यक्ति पहले केवल 10-20 सेकंड आराम से मुद्रा बनाए रखने का लक्ष्य रखें।
- अभ्यस्त व्यक्ति लगभग 30-60 सेकंड तक इस आसन को कर सकते हैं, यदि मुद्रा पूरी तरह आरामदायक हो।
- समय बढ़ाने की बजाय सही अलाइनमेंट और बिना दर्द के अभ्यास को प्राथमिकता दें। गर्दन, कंधे या सिर में दर्द और दबाव महसूस हो तो तुरंत आसन से बाहर आएं।
किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?
गर्दन की समस्या, ग्लूकोमा/आंखों की कुछ समस्याएं, अनियंत्रित हाई बीपी, हृदय संबंधी समस्या या सर्वाइकल स्पाइन की परेशानी वाले लोगों को सर्वांगासन करने से पहले डॉक्टर व योग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।