ब्लड प्रेशर आपकी धमनियों की दीवारों के खिलाफ रक्त का दबाव की स्थिति है। धमनियां आपके हृदय से रक्त को शरीर के अन्य भागों में ले जाती हैं। रक्तचाप का बढ़ना और कम होना दोनों ही स्थितियां शरीर के लिए नुकसानदायक मानी जाती है। आमतौर पर हम सभी ब्लड प्रेशर बढ़ने और इसके कारण होने वाली समस्याओं के बारे में सुनते और जानते आ रहे हैं, पर क्या आप जानते हैं कि ब्लड प्रेशर का सामान्य से कम होना भी शरीर के लिए कई प्रकार से हानिकारक हो सकता है? स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ब्लड प्रेशर बढ़ने की तरह ही इसका लो होना भी कई प्रकार की स्वास्थ्य जटिलताओं का कारण बन सकता है।
Health Tips: हाई ब्लड प्रेशर की तरह ही खतरनाक है ब्लड प्रेशर लो होना, जानिए इसके कारण और बचाव के तरीके
गर्भावस्था के दौरान शरीर में होने वाले कई प्रकार के परिवर्तनों के कारण रक्त वाहिकाओं का विस्तार होता है। इस प्रकार के परिवर्तनों के कारण रक्तचाप में गिरावट आ सकती है। गर्भावस्था के पहले 24 हफ्तों में निम्न रक्तचाप की समस्या आम है। हालांकि अगर आपको अक्सर ही इस तरह की दिक्कत बनी रहती है तो इस बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें। ब्लड प्रेशर का अक्सर ही लो रहना कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है जिससे बच्चे की सेहत पर भी असर हो सकता है।
हृदय से संबंधित समस्याएं
हाई ब्लड प्रेशर की ही तरह से ब्लड प्रेशर का कम होना भी हृदय से संबंधित समस्याओं का कारण बनती है। दिल का दौरा पड़ने, हार्ट फेलियर, हार्ट वाल्व की समस्याएं और हृदय गति में कमी (ब्रैडीकार्डिया) भी निम्न रक्तचाप का कारण बन सकती है। हृदय की इस तरह की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। यदि आपको अक्सर ही इस तरह की दिक्कतें बनी रहती हैं तो इस बारे में किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले लें।
पानी की कमी या रक्तस्राव
शरीर में पानी की कमी हो जाने के कारण भी रक्तचाप में गिरावट आ सकती है। बुखार, उल्टी, गंभीर दस्त, मूत्रवर्धक दवाओं का अति प्रयोग शरीर में डिहाइड्रेशन या पानी की कमी का कारण बन सकता है। इसके अलावा चोट या आंतरिक रक्तस्राव से के कारण होने वाली बहुत अधिक रक्त की हानि की स्थिति भी ब्लड प्रेशर लो होने का कारण बन सकती है। सभी लोगों को रोजाना 3-4 लीटर पानी पीते रहने की सलाह दी जाती है।
लो-ब्लड प्रेशर से कैसे बचा जाए?
कुछ बातों का ध्यान रखकर लो ब्लड-प्रेशर की समस्या से बचाव किया जा सकता है।
शरीर में पानी की कमी न होने पाए। भरपूर मात्रा में पानी पीते रहें।
कम कार्ब वाला भोजन करें। आहार की पौष्टिकता पर विशेष ध्यान दें।
कैफीनयुक्त पेय- कॉफी या चाय पीने का सेवन अधिक न करें, इससे डिहाइड्रेशन का खतरा होता है।
नियमित रूप से व्यायाम करें। हर दिन कम से कम 30 मिनट की मध्यम शारीरिक गतिविधि आपके पूर्ण रूप से स्वस्थ रखने में सहायक है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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