कोविड-19 के टीकाकरण को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल हैं। टीकाकरण के बाद क्या करना चाहिए, क्या नहीं, ऐसे तमाम सवाल लोगों के मन में उठ रहे हैं। ऐसा ही एक सवाल है- क्या कोरोना का टीका लगवाने के बाद संभोग करना सुरक्षित है? वैसे तो स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बारे में कोई औपचारिक दिशानिर्देश जारी नहीं किया है, लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञों का सुझाव है कि पुरुषों और महिलाओं को दूसरी खुराक प्राप्त करने के बाद गर्भनिरोधक का उपयोग करना चाहिए।
कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद यौन सबन्ध बनाना कितना सुरक्षित? जानें क्या कहते हैं डॉक्टर
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
विशेषज्ञों के मुताबिक सार्स सीओवी-2 वायरस को बेअसर करने के लिए टीके को विकसित किया गया है। हालांकि टीके के कोई दीर्घकालिक दुष्प्रभाव हैं या फिर टीकाकरण के बाद यौन सबन्ध बनाने से यह किसी प्रकार से पुरुष और महिला को प्रभावित कर सकता है, इस बारे में बात करना फिलहाल जल्दबाजी होगी। चूंकि इस बारे में अब तक कोई विशेष अध्ययन नहीं हुआ है, ऐसे में यौन सबन्ध बनाते समय सुरक्षात्मक उपायों को प्रयोग में लाना ही बेहतर तरीका हो सकता है। यह संक्रमण के प्रसार के रोकने केके साथ सुरक्षात्मक मापदंडों हिसाब से सबसे सरल और प्रभावी तरीका है।
गर्भनिरोधकों का उपयोग करें
विशेषज्ञों के मुताबिक मौजूदा स्थिति में टीकाकरण के बाद रोकथाम ही बचाव का सबसे अच्छा तरीका है। वैक्सीन की दूसरी खुराक प्राप्त करने के बाद कम से कम 2 से 3 सप्ताह तक पुरुषों और महिलाओं के लिए गर्भनिरोधकों का उपयोग करना बेहतर विकल्प हो सकता है। चूंकि संभोग के दौरान शरीर के तरल पदार्थ एक दूसरे के संपर्क में आते हैं, ऐसे में गर्भनिरोधकों के माध्यम से इनके प्रसार को रोका जा सकता है।
महिलाएं इन बातों का रखें ध्यान
विशेषज्ञों के मुताबिक महिलाओं को टीका लगवाने से पहले स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श करना चाहिए। ऐसा करके वह भविष्य में होने वाली किसी भी समस्या से खुद को सुरक्षित कर सकती हैं। टीकाकरण कराना पूरी तरह से सुरक्षित है लेकिन इसका अलग-अलग स्थितियों में क्या असर होता है, जब तक इस बारे में अध्ययनों से स्पष्ट नहीं हो जाता है, सभी को आवश्यक सुरक्षात्मक उपायों का अवश्य पालन करना चाहिए।
कोविड और यौन संबंध
इससे पहले एक शोध के दौरान विशेषज्ञों ने पाया था कोरोना वायरस, मरीज के वीर्य में जीवित नहीं रहते हैं ऐसे में इससे दूसरे लोगों में संक्रमण होने का खतरा नहीं होता है। चीन के वुहान में कोविड-19 मरीजों पर किए गए अध्ययन में पता चला कि मानव शुक्राणु में रोगजनक वायरस का कोई निशान नहीं होता है। हालांकि यह अध्ययन सिर्फ 34 लोगों पर ही किया गया था ऐसे में विशेषज्ञों ने और बड़े पैमाने पर इसे जानने की जरूरत बताई थी।
