मानसून अपने साथ कई तरह की बीमारियां लेकर आता है। बरसात के मौसम में डेंगू का खतरा बढ़ जाता है। बारिश के पानी के एक जगह एकत्रित होने पर डेंगू के मच्छर पनपने लगते हैं। जिनके काटने से डेंगू और चिकनगुनिया जैसी समस्या से लोग ग्रसित हो जाते हैं। इससे बचाव के लिए लोग तरह तरह के उपाय करते हैं। विशेषज्ञ, घर पर पानी न जमने देने, साफ सफाई और मच्छरों से बचाव की सलाह देते हैं। हालांकि बचाव के लिए कई तरह के उपाय अपनाने के बाद भी लोग डेंगू और चिकनगुनिया के शिकार हो जाते हैं। बारिश के मौसम में होने वाली इस बीमारी से छुटकारा दिलाने के लिए विशेषज्ञों ने एक कारगर तरीका खोज निकाला है। अब मच्छर ही डेंगू के मच्छरों से लोगों का बचाव करेंगे। इसके लिए एक ऐसा खास मच्छर तैयार किया गया है, जो डेंगू के मच्छर के असर को कम कर देगा। चलिए जानते हैं डेंगू और चिकनगुनिया के खतरे को कम करने के लिए विशेषज्ञों ने किस खास मच्छर को तैयार किया है और वह किस तरीके से मौसमी रोगों से बचाएगा।
Dengue: मच्छर के काटने से नहीं होगा डेंगू-चिकनगुनिया, शोधकर्ताओं ने खोज निकाला बचाव का खास तरीका
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डेंगू से बचाव के लिए मादा मच्छरों को किया गया तैयार
Puducherry| We've prepared mosquitoes to replace Dengue & Chikungunya mosquitoes. Will release female mosquitoes which will mate with males&produce larvae who don't have these viruses. We've prepared mosquitoes&eggs & can release them anytime: Dr Ashwani Kumar Director ICMR-VCRC pic.twitter.com/yGReddxLm9
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के खास किस्म के मादा मच्छरों को तैयार किया है,जो डेंगू मच्छरों के काटने के प्रभाव को कम कर देंगे। इस बारे में आईसीएमआर-वीसीआरसी के डायरेक्टर डॉक्टर अश्विनी कुमार का कहना है कि खास मादा मच्छर डेंगू और चिकनगुनिया को खत्म करने में सक्षम हैं।
मच्छरों से पैदा होने वाले लार्वा में नहीं होगा वायरस
इसके लिए विशेषज्ञों द्वारा तैयार मादा मच्छरों को छोड़ा जाएगा, जो नर मच्छरों के संपर्क में आकर ऐसा लार्वा पैदा करेंगे, जिसमें वायरस होगा ही नहीं। डाॅ अश्विनी ने बताया कि खास मादा मच्छर और अंडे तैयार कर लिए गए हैं। शोधकर्ताओं ने एडीज एप्टिज की दो प्रजातियां विकसित की है, जो डेंगू को खत्म करेंगी। उन्हें कभी भी छोड़ा जा सकता है।
डेंगू के लक्षण
बरसात के मौसम में डेंगू अधिक फैलता है। डेंगू की समस्या होने पर बुखार, उल्टी, शरीर में तेज दर्द, बेचैनी होती है। डेंगू के मरीज के ब्लड प्लेटलेट्स तेजी से कम हो जाते हैं। वहीं कई मरीजों में आंतरिक ब्लीडिंग होने लगती है। सही समय पर इलाज न होने और स्थिति गंभीर होने पर मरीज के कई अंग काम करना बंद कर देते हैं। इससे मरीज की मौत भी हो सकती है।
अब तक नहीं बनी डेंगू की दवा
भारत में गर्मियों के मौसम में डेंगू के केस बहुत ज्यादा आते हैं। दिल्ली में इस साल अब तक डेढ सौ से ज्यादा डेंगू के मामले सामने आए हैं। वहीं इस समस्या से निपटने के लिए डेंगू की कोई प्रभावशाली दवा भी अब तक विकसित नहीं हुई है। हालांकि भारत सरकार ने बायोटेक्नोलॉजी विभाग के डीएनडीआई के साथ समझौता किया है, जिसमें अगले पांच सालों में डेंगू की प्रभावशाली दवा को तैयार कर लिया जाना है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। अमर उजाला इस दावे की पुष्टि नहीं करता है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।