मधुमेह, वैश्विक स्तर पर बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, आंकड़ों के मुताबिक दुनियाभर में 42 करोड़ से अधिक लोग इस रोग के शिकार हैं। डॉक्टर्स कहते हैं, लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या का जोखिम काफी तेजी से बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अपने जोखिम कारकों को समझते हुए सभी लोगों को डायबिटीज से बचाव को लेकर उपाय करते रहना चाहिए। इसके अलावा डायबिटीज के गंभीर जोखिमों से बचे रहने के लिए समय रहते लक्षणों पर ध्यान देना और स्थिति की पहचान करना भी आवश्यक हो जाता है। क्या आप जानते हैं शरीर से आने वाली अजीबोगरीब गंध के आधार पर भी डायबिटीज की गंभीर स्थिति का पता लगाया जा सकता है?
सावधान: इस तरह की गंध आना डायबिटीज की गंभीर स्थिति का हो सकता है संकेत, इसमें किडनी फेलियर का भी होता है खतरा
डायबिटीज की गंभीर स्थिति में गंध की समस्या
मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक डायबिटीज की कुछ गंभीर स्थितियों का गंध के आधार पर पहचान किया जा सकता है। डायबिटिक केटोएसिडोसिस ऐसी ही एक समस्या है। शरीर में इंसुलिन की अपर्याप्तता की स्थिति में ग्लूकोज का ऊर्जा के रूप में सही तरीक से इस्तेमाल नहीं हो पाता है। इस स्थिति में लिवर वसा का ब्रेकडाउन करके ऊर्जा को उत्पादित करती है और इस प्रक्रिया में कीटोन्स नामक एसिड का उत्पादन होने लगता है। ये कीटोन्स बहुत अधिक मात्रा में बढ़कर किडनी जैसे अंगों के लिए गंभीर समस्याओं का कारण भी बन सकते हैं।
डॉक्टर्स ने पाया कि इस स्थिति में कुछ लोगों को सांसों से अजीब गंध आने की समस्या हो सकती है, इसपर गंभीरता से ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।
इस तरह के गंध को लेकर बरतें सावधानी
डॉक्टर्स बताते हैं, कीटोन्स हमारी सांसों और पसीने के जरिए शरीर से बाहर निकलते हैं, जिसके कारण आपको अजीब प्रकार की गंध महसूस हो सकती है। इस स्थिति में कुछ लोगों को सांस से फल जैसी अजीब गंध आ सकती है। इसके अलावा इस स्थिति में सांस से मल जैसी गंध भी आती है, यह लंबे समय तक उल्टी या आंत में रुकावट के कारण होने वाली समस्या का संकेत है। कुछ रोगियों ने अमोनिया जैसी गंध की भी शिकायत की है, यह किडनी खराबी की तरफ संकेत हो सकता है।
क्या है डॉक्टर्स की सलाह?
डॉक्टर्स कहते हैं, डायबिटिक केटोएसिडोसिस एक गंभीर और तत्काल चिकित्सकीय सहायता वाली स्थिति है। इसके इलाज में देर करने से किडनी फेलियर तक की भी समस्या का खतरा हो सकता है। सांस में होने वाले इस प्रकार के बदलाव के आधार पर डायबिटीज रोगी डायबिटिक केटोएसिडोसिस जैसी गंभीर समस्या का अंदाजा लगा सकते हैं।
डायबिटिक केटोएसिडोसिस जैसी समस्या से बचाव के लिए मधुमेह रोगियों को ब्लड शुगर कंट्रोल रखने पर विशेष ध्यान देते रहने की सलाह दी जाती है। ब्लड शुगर का अनियंत्रित रूप से बढ़ा रहना इस तरह की गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों को कारण माना जाता है, समय-समय पर ब्लड शुगर के स्तर की जांच करते रहें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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