सोशल मीडिया पर रील खोलते ही आपको कई इंफ्लूएंसर्स सेहत का नया फॉर्मूला बताते मिल जाएंगे। कोई कहता है कि सुबह खाली पेट डिटॉक्स ड्रिंक पी लें तो शरीर के सारे विषैले पदार्थ बाहर निकल जाएंगे, कोई दावा करता है कि मुंह पर टेप लगाकर सोने से नींद और सांस दोनों बेहतर हो जाएंगी, तो कोई एक घरेलू नुस्खे को हर बीमारी का इलाज बताने लगता है।
Viral Health Tips: रील में बताया इलाज असल जिंदगी में पड़ सकता है भारी, थोड़ी सी लापरवाही बन सकती है मुसीबत
सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर हेल्थ टिप वैज्ञानिक रूप से सही नहीं होती। सेहत से जुड़ी सलाह अपनाने से पहले उसके पीछे मौजूद वैज्ञानिक प्रमाण और विशेषज्ञों की राय जरूर जांचें।
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सोशल मीडिया की बातों पर न करें भरोसा
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सोशल मीडिया पर बताई जाने वाली हर बात गलत नहीं होती है। हालांकि बिना जांचे परखे या विशेषज्ञ की सलाह लिए आप कोई तरीका अपनाना शुरू कर देते हैं तो ये मुश्किलें पैदा कर सकती है। सेहत के लिए उपयोग में लाई जाने वाली चीजें सभी के लिए फायदेमंद हो ये भी जरूरी नहीं है।
आइए सोशल मीडिया पर वायरल ऐसी ही कुछ चीजों के बारे में जान लेते हैं।
नींबू-पानी से शरीर के सारे विषैले पदार्थ निकल जाते हैं
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, नींबू पानी पीना अच्छा पेय है ये शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है।लेकिन यह दावा कि नींबू-पानी शरीर से सारे विषैले पदार्थ निकाल देता है या किसी खास बीमारी को ठीक कर देता है, वैज्ञानिक रूप से सही नहीं माना जा सकता। शरीर में अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने का काम मुख्य रूप से लिवर, किडनी, फेफड़े और आंतों जैसी प्रणालियां करती हैं।
इम्युनिटी बढ़ाने वाले टिप्स
सोशल मीडिया पर अक्सर किसी फल, मसाले, पेय या सप्लीमेंट को ऐसा बताया जाता है जैसे उसे खाते ही शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। असल में प्रतिरक्षा तंत्र बहुत जटिल व्यवस्था है। सिर्फ एक खाद्य पदार्थ इसे अचानक बहुत मजबूत नहीं कर देता। पर्याप्त पोषण जरूर प्रतिरक्षा तंत्र के सामान्य कामकाज के लिए महत्वपूर्ण है।
इम्युनिटी बनना एक सतत प्रक्रिया है, इसके लिए निरंतर प्रयास करते रहने की जरूरत होती है।
पसीना निकालकर हर बीमारी ठीक हो जाती है
कई वीडियो में तेज व्यायाम, बहुत गर्म कपड़े पहनने या भाप लेने से शरीर से बीमारी निकालने की बात कही जाती है। लेकिन ज्यादा पसीना आना इस बात का प्रमाण नहीं है कि बीमारी शरीर से बाहर निकल रही है। अत्यधिक गर्मी और ज्यादा पसीने से शरीर में पानी और सोडियम की कमी हो सकती है।
बीमारी के दौरान शरीर की जरूरत के अनुसार आराम, पर्याप्त तरल पदार्थ और सही डॉक्टरी सलाह ज्यादा जरूरी है। वायरल बीमारी में केवल पसीना निकालना इलाज नहीं है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।