Health Tips: जब भी बात महिलाओं की सेहत की आती है तो शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी और एनीमिया के मामले सबसे ज्यादा चर्चा में रहते हैं। भारतीय महिलाओं में ये समस्या और भी ज्यादा देखी जाती है जिसके कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर हर साल अतिरिक्त दवाब भी बढ़ता जा रहा है।
Health Tips: महिलाओं की सेहत के लिए ये है सबसे बड़ी टेंशन, पर घबराएं नहीं डॉक्टर ने बताए इससे बचाव के तरीके
- भारत में 15 से 49 वर्ष की आयु की 57% महिलाएं और छह महीने से 59 महीने के बीच के 67% बच्चे एनीमिया से प्रभावित हैं।
- गर्भवती महिलाओं में हीमोग्लोबिन 11 g/dL से कम और अन्य महिलाओं में 12 g/dL से कम हो तो उसे एनीमिया माना जाता है।
शरीर में खून की कमी-एनीमिया
शरीर में खून के साथ ऑक्सीजन पहुंचाने का काम हीमोग्लोबिन करता है। जब इसकी मात्रा घट जाती है तो इसके कारण आपको एनीमिया हो सकता है, जिसमें शरीर अक्सर थका रहता है और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
गर्भवती महिलाओं में हीमोग्लोबिन 11 g/dL से कम और अन्य महिलाओं में 12 g/dL से कम हो तो उसे एनीमिया माना जाता है।
क्या कहते हैं डॉक्टर?
डॉक्टर बताते हैं, एनीमिया एक छिपी हुई बीमारी है लेकिन इसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं। थोड़ी सी जागरूकता, पौष्टिक आहार और सही समय पर दवाओं से महिलाएं इसे आसानी से मात दे सकती हैं। अगर कोई महिला अक्सर थकी-थकी लगती है, उसका चेहरा पीला पड़ गया है या वो बार-बार बीमार पड़ती है, तो तुरंत इसकी जांच कराएं। कभी-कभी सिर्फ एक गोली और अच्छी डाइट से जिंदगी में नई ऊर्जा आ सकती है।
आइए जानते हैं कि शरीर में आयरन की पूर्ति के लिए क्या चीजें खानी चाहिए? और कैसे आप एनीमिया से बचाव कर सकती हैं।
आहार में करें सुधार
पालक को बनाएं आहार का हिस्सा
पालक आयरन के सबसे अच्छे और आसनी से उपलब्ध स्रोतों में से एक है। लगभग 100 ग्राम पालक में 2.7 मिलीग्राम आयरन होता है जिससे आयरन के दैनिक जरूरतों के 15% तक की पूर्ति की जा सकती है। पालक विटामिन-सी से भी भरपूर होता है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि विटामिन सी आयरन के अवशोषण को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
रेड मीट का संतुलित सेवन
पालक के अलावा रेड मीट का सेवन करना भी आयरन की पूर्ति में आपके लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। रेड मीट में आयरन के अलावा शरीर के लिए आवश्यक कई अन्य पोषक तत्व भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। करीब 100 ग्राम रेड मीट में 2.7 मिलीग्राम आयरन होता है। हालांकि अधिक मात्रा में रेड मीट खाने से बचना चाहिए।
कद्दू के बीज खाइए
कुछ प्रकार के सीड्स से भी आयरन की आवश्यकताओं की पूर्ति हो सकती है। विशेषतौर पर कद्दू के बीज इसका उत्कृष्ट माने जाते हैं। लगभग 28 ग्राम कद्दू के बीज में 2.5 मिलीग्राम आयरन होता है जिससे आयरन के दैनिक आवश्यकताओं की 14% तक की पूर्ति की जा सकती है।
इन बातों का भी रखें ध्यान
- गर्भवती महिलाओं और किशोरियों में आयरन की कमी दूर करने के लिए डॉक्टर आयरन-फोलिक एसिड की गोलियां दे सकते हैं।
- सभी महिलाओं को हर 6 महीने में एक बार खून की जांच जरूर करानी चाहिए। इससे समस्या का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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