सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त

Health Tips: महिलाओं की सेहत के लिए ये है सबसे बड़ी टेंशन, पर घबराएं नहीं डॉक्टर ने बताए इससे बचाव के तरीके

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Tue, 10 Jun 2025 10:30 AM IST
सार

  • भारत में 15 से 49 वर्ष की आयु की 57% महिलाएं और छह महीने से 59 महीने के बीच के 67% बच्चे एनीमिया से प्रभावित हैं।
  •  गर्भवती महिलाओं में हीमोग्लोबिन 11 g/dL से कम और अन्य महिलाओं में 12 g/dL से कम हो तो उसे एनीमिया माना जाता है।

विज्ञापन
iron deficiency anemia in indian women what causes anemia how can you prevent it
थकान-कमजोरी और एनीमिया की समस्या - फोटो : Freepik.com

Health Tips: जब भी बात महिलाओं की सेहत की आती है तो शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी और एनीमिया के मामले सबसे ज्यादा चर्चा में रहते हैं। भारतीय महिलाओं में ये समस्या और भी ज्यादा देखी जाती है जिसके कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर हर साल अतिरिक्त दवाब भी बढ़ता जा रहा है। 



क्या आप अक्सर थकान, चक्कर या सांस फूलने जैसी समस्या महसूस करती हैं? ये हीमोग्लोबिन की कमी यानी एनीमिया के लक्षण हो सकते हैं।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में 15 से 49 वर्ष की आयु की 57% महिलाएं और छह महीने से 59 महीने के बीच के 67% बच्चे इससे प्रभावित हैं। हालांकि अच्छी बात ये है कि इसे आसानी से रोका जा सकता है।

Trending Videos
iron deficiency anemia in indian women what causes anemia how can you prevent it
खून की कमी - फोटो : Freepik.com

शरीर में खून की कमी-एनीमिया

शरीर में खून के साथ ऑक्सीजन पहुंचाने का काम हीमोग्लोबिन करता है। जब इसकी मात्रा घट जाती है तो इसके कारण आपको एनीमिया हो सकता है, जिसमें शरीर अक्सर थका रहता है और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

गर्भवती महिलाओं में हीमोग्लोबिन 11 g/dL से कम और अन्य महिलाओं में 12 g/dL से कम हो तो उसे एनीमिया माना जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
iron deficiency anemia in indian women what causes anemia how can you prevent it
भारतीय महिलाओं में एनीमिया - फोटो : Freepik.com

क्या कहते हैं डॉक्टर?

डॉक्टर बताते हैं, एनीमिया एक छिपी हुई बीमारी है लेकिन इसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं। थोड़ी सी जागरूकता, पौष्टिक आहार और सही समय पर दवाओं से महिलाएं इसे आसानी से मात दे सकती हैं। अगर कोई महिला अक्सर थकी-थकी लगती है, उसका चेहरा पीला पड़ गया है या वो बार-बार बीमार पड़ती है, तो तुरंत इसकी जांच कराएं। कभी-कभी सिर्फ एक गोली और अच्छी डाइट से जिंदगी में नई ऊर्जा आ सकती है।

आइए जानते हैं कि शरीर में आयरन की पूर्ति के लिए क्या चीजें खानी चाहिए? और कैसे आप एनीमिया से बचाव कर सकती हैं। 

iron deficiency anemia in indian women what causes anemia how can you prevent it
खान पान में करें सुधार - फोटो : Freepik.com

आहार में करें सुधार

पालक को बनाएं आहार का हिस्सा
पालक आयरन के सबसे अच्छे और आसनी से उपलब्ध स्रोतों में से एक है। लगभग 100 ग्राम पालक में 2.7 मिलीग्राम आयरन होता है जिससे आयरन के दैनिक जरूरतों के 15% तक की पूर्ति की जा सकती है। पालक विटामिन-सी से भी भरपूर होता है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि विटामिन सी आयरन के अवशोषण को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

रेड मीट का संतुलित सेवन
पालक के अलावा रेड मीट का सेवन करना भी आयरन की पूर्ति में आपके लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। रेड मीट में आयरन के अलावा शरीर के लिए आवश्यक कई अन्य पोषक तत्व भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। करीब 100 ग्राम रेड मीट में 2.7 मिलीग्राम आयरन होता है। हालांकि अधिक मात्रा में रेड मीट खाने से बचना चाहिए।

कद्दू के बीज खाइए
कुछ प्रकार के सीड्स से भी आयरन की आवश्यकताओं की पूर्ति हो सकती है। विशेषतौर पर कद्दू के बीज इसका उत्कृष्ट माने जाते हैं। लगभग 28 ग्राम कद्दू के बीज में 2.5 मिलीग्राम आयरन होता है जिससे आयरन के दैनिक आवश्यकताओं की 14% तक की पूर्ति की जा सकती है।

विज्ञापन
iron deficiency anemia in indian women what causes anemia how can you prevent it
डॉक्टर की लें सलाह - फोटो : Freepik.com

इन बातों का भी रखें ध्यान

  • गर्भवती महिलाओं और किशोरियों में आयरन की कमी दूर करने के लिए डॉक्टर आयरन-फोलिक एसिड की गोलियां दे सकते हैं।
  • सभी महिलाओं को हर 6 महीने में एक बार खून की जांच जरूर करानी चाहिए। इससे समस्या का अंदाजा लगाया जा सकता है। 



------------
नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed