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विशेषज्ञ से जानें: क्या गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित है टीकाकरण? जानिए WHO क्या कहता है?
Sat, 15 May 2021 12:56 PM IST
Abhilash Srivastava
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhilash Srivastava
Updated Sat, 15 May 2021 12:56 PM IST
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गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण
- फोटो : iStock
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कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए सरकार ने देश में वैक्सीनेशन की रफ्तार को तेज कर दिया है। देश में अब 18 साल से अधिक आयु वालों को भी वैक्सीन देने की शुरुआत हो चुकी है। इसी क्रम में जल्द ही सरकार गर्भवती महिलाओं को भी टीकाकरण कराने की अनुमति दे सकती है। राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) ने गुरुवार को सरकार को दिए सुझावों में कहा है कि गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए भी टीकाकरण की व्यवस्था उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
टीकाकरण के लिए पैनल ने की सिफारिश
- फोटो : iStock
क्या है पैनल का सुझाव
एनटीएजीआई के सुझावों के अनुसार गर्भवती महिलाओं को भारत में उपलब्ध दोनों में से किसी एक वैक्सीन को चुनने का विकल्प दिया जाना चाहिए। इसके अलावा स्तनपान कराने वाली महिलाओं को प्रसव के बाद किसी भी समय टीकाकरण कराने की छूट दी जानी चाहिए। सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार जल्द ही इस संबध में विस्तृत गाइडलाइंस जारी कर सकती है। विशेषज्ञ इस कदम को इसलिए भी महत्वपूर्ण मान रहे हैं क्योंकि आमतौर पर ऐसे वर्ग को टीकों के नैदानिक अध्ययन से बाहर रखा जाता रहा है।
एनटीएजीआई के सुझावों के अनुसार गर्भवती महिलाओं को भारत में उपलब्ध दोनों में से किसी एक वैक्सीन को चुनने का विकल्प दिया जाना चाहिए। इसके अलावा स्तनपान कराने वाली महिलाओं को प्रसव के बाद किसी भी समय टीकाकरण कराने की छूट दी जानी चाहिए। सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार जल्द ही इस संबध में विस्तृत गाइडलाइंस जारी कर सकती है। विशेषज्ञ इस कदम को इसलिए भी महत्वपूर्ण मान रहे हैं क्योंकि आमतौर पर ऐसे वर्ग को टीकों के नैदानिक अध्ययन से बाहर रखा जाता रहा है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन भी है टीकाकरण के पक्ष में
- फोटो : Social media
डब्ल्यूएचओ भी टीकाकरण पर देता रहा है जोर
दुनिया के सभी प्रमुख स्वास्थ्य संगठन गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताते रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की प्रमुख वैज्ञानिक डॉ सौम्या स्वामीनाथन कहती हैं, विश्व स्तर पर देखा गया है कि गर्भवती महिलाओं को तमाम तरह की जटिलताओं का खतरा रहता है। कई तरह की गंभीर दिक्कतों के चलते समय से पहले बच्चे के जन्म का खतरा भी बढ़ जाता है। कोविड-19 जैसी घातक बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए ऐसी महिलाओं का टीकाकरण बहुत जरूरी हो जाता है।
दुनिया के सभी प्रमुख स्वास्थ्य संगठन गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताते रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की प्रमुख वैज्ञानिक डॉ सौम्या स्वामीनाथन कहती हैं, विश्व स्तर पर देखा गया है कि गर्भवती महिलाओं को तमाम तरह की जटिलताओं का खतरा रहता है। कई तरह की गंभीर दिक्कतों के चलते समय से पहले बच्चे के जन्म का खतरा भी बढ़ जाता है। कोविड-19 जैसी घातक बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए ऐसी महिलाओं का टीकाकरण बहुत जरूरी हो जाता है।
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गर्भवती का टीकाकरण जरूरी
- फोटो : Pixabay
गर्भवती के लिए उपलब्ध कराई जाए वैक्सीन
गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण को लेकर अमर उजाला ने वरिष्ठ महिला रोग विशेषज्ञ डॉ मीना मुथैया से बातचीत की। डॉ मीना कहती हैं, मौजूदा समय में देश में गर्भवती महिलाओं को वैक्सीन नहीं दिया जा रहा है। कई स्वास्थ्य संगठन सरकार से इस संबंध में पहले भी सिफारिश कर चुके हैं। एनटीएजीआई ने भी बेहतर सुझाव दिए हैं। उम्मीद है कि इस दिशा में जल्दी ही सरकार कुछ सकारात्मक निर्णय ले सकती है।
गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण को लेकर अमर उजाला ने वरिष्ठ महिला रोग विशेषज्ञ डॉ मीना मुथैया से बातचीत की। डॉ मीना कहती हैं, मौजूदा समय में देश में गर्भवती महिलाओं को वैक्सीन नहीं दिया जा रहा है। कई स्वास्थ्य संगठन सरकार से इस संबंध में पहले भी सिफारिश कर चुके हैं। एनटीएजीआई ने भी बेहतर सुझाव दिए हैं। उम्मीद है कि इस दिशा में जल्दी ही सरकार कुछ सकारात्मक निर्णय ले सकती है।
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टीकाकरण से गर्भवती या भ्रूण को कोई नुकसान नहीं
- फोटो : pixabay
क्या टीकाकरण से किसी तरह का खतरा हो सकता है?
डॉ मीना मुथैया बताती हैं, 'चिकित्सकीय रूप से देखें तो टीकाकरण से गर्भवती या भ्रूण को कोई नुकसान नहीं है क्योंकि वैक्सीन में जीवित वायरस नहीं होते हैं। चूंकि अब तक गर्भवती महिलाओं को टीका नहीं दिया गया है ऐसे में इसके परिणाम से संबंधित कोई डेटा उपलब्घ नहीं है। इसके अलावा अब तक कोई ऐसी रिपोर्ट नहीं है जो कहती हो कि टीका लगवाने से भ्रूण पर कोई नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देशों ने टीकाकरण की गाइडलाइंस में गर्भवती महिलाओं के लिए वैक्सीन की सिफारिश की है। ऐसे में सरकार अगर इसपर फैसला करती है, तो सभी को वैक्सीनेशन जरूर कराना चाहिए।
डॉ मीना मुथैया बताती हैं, 'चिकित्सकीय रूप से देखें तो टीकाकरण से गर्भवती या भ्रूण को कोई नुकसान नहीं है क्योंकि वैक्सीन में जीवित वायरस नहीं होते हैं। चूंकि अब तक गर्भवती महिलाओं को टीका नहीं दिया गया है ऐसे में इसके परिणाम से संबंधित कोई डेटा उपलब्घ नहीं है। इसके अलावा अब तक कोई ऐसी रिपोर्ट नहीं है जो कहती हो कि टीका लगवाने से भ्रूण पर कोई नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देशों ने टीकाकरण की गाइडलाइंस में गर्भवती महिलाओं के लिए वैक्सीन की सिफारिश की है। ऐसे में सरकार अगर इसपर फैसला करती है, तो सभी को वैक्सीनेशन जरूर कराना चाहिए।