सब्सक्राइब करें

Health Tips: क्या आपका बच्चा भी बन रहा है मोटापे का शिकार? पेरेंट्स को इन चार बातों का रखना चाहिए विशेष ध्यान

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिखर बरनवाल Updated Sun, 22 Jun 2025 07:21 PM IST
सार

आज के समय में भारत में छोटे बच्चों में मोटापे की समयस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। कई बार ये मोटापा गंभीर बीमारियों का कारण भी बनता है, इसलिए इसे कंट्रोल करना बहुत जरूरी है। बच्चों के मोटापे को नियंत्रित करने के दौरान माता-पिता को कुछ बातों का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए।
 

विज्ञापन
Is your child also becoming a victim of obesity Parents should Know these reasons in hindi
पेरेंटिंग टिप्स - फोटो : Adobe stock

Obesity in Children: भारत में बच्चों में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है, और ये एक गंभीर समस्या बन रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, विश्वभर में 124 मिलियन बच्चे और किशोर मोटापे से प्रभावित हैं। भारत में भी शहरी क्षेत्रों में बच्चों में मोटापा बढ़ रहा है, जिसके पीछे कई कारण हैं, जिनमें मुख्य कारणों की बात की जाए तो अनहेल्दी खानपान, सेडेंटरी जीवनशैली और स्क्रीन टाइम का अधिक उपयोग प्रमुख कारण हैं।



मोटापा न केवल बच्चों के शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि टाइप-2 डायबिटीज, हृदय रोग, हड्डियों की समस्या और मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डालता है। ऐसे में माता-पिता के लिए यह एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी बन जाती है कि वे अपने बच्चों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। बच्चों के मोटापे को नियंत्रित करने के दौरान माता-पिता को कुछ बातों का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए।

Trending Videos
Is your child also becoming a victim of obesity Parents should Know these reasons in hindi
संतुलित और पौष्टिक आहार - फोटो : Adobe stock

संतुलित और पौष्टिक आहार
बच्चों के खानपान में संतुलित आहार शामिल करना बेहद जरूरी है। जंक फूड, शुगरी ड्रिंक्स और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करें। इसके बजाय, फल, सब्जियां, साबुत अनाज और लीन प्रोटीन जैसे अंडे, दालें और कम फैट वाले डेयरी उत्पादों को प्राथमिकता दें।


ये भी पढ़ें- Health Alert: आपकी ये एक आदत 35% तक बढ़ा सकती है आंतों में सूजन का खतरा, युवा हो रहे हैं सबसे ज्यादा शिकार
 
विज्ञापन
विज्ञापन
Is your child also becoming a victim of obesity Parents should Know these reasons in hindi
नियमित शारीरिक गतिविधि - फोटो : Adobe stock

नियमित शारीरिक गतिविधि
बच्चों में मोटापे का एक बड़ा कारण है शारीरिक गतिविधि की कमी। सीडीसी के अनुसार, 6-17 वर्ष के बच्चों को रोजाना कम से कम 60 मिनट की मध्यम से तीव्र शारीरिक गतिविधि करनी चाहिए। इसके लिए बच्चों को खेल, साइकिलिंग, डांस या पार्क में दौड़ने के लिए प्रोत्साहित करें। परिवार के साथ सैर या आउटडोर गेम्स जैसे बैडमिंटन खेलें।


ये भी पढ़ें- Heart Health: क्या लगातार खांसी आते रहना भी हृदय रोगों का संकेत हो सकता है? कब हो जाना चाहिए सावधान, जानिए सबकुछ
Is your child also becoming a victim of obesity Parents should Know these reasons in hindi
स्क्रीन टाइम पर नियंत्रण - फोटो : Adobe stock

स्क्रीन टाइम पर नियंत्रण
टीवी, मोबाइल और वीडियो गेम्स पर ज्यादा समय बिताना मोटापे का एक कारण ये भी हो सकता है, क्योंकि यह सेडेंटरी जीवनशैली को बढ़ावा देता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के मुताबिक 2-5 साल के बच्चों के लिए 1-2 घंटे से ज्यादा स्क्रीन टाइम की सलाह नहीं देता।
 

विज्ञापन
Is your child also becoming a victim of obesity Parents should Know these reasons in hindi
पेरेंट्स को बच्चों को सोने देना चाहिए - फोटो : Adobe stock
बच्चों को पर्याप्त नींद लेने दें
नींद की कमी मोटापे का एक बड़ा कारण है। अपर्याप्त नींद हार्मोन्स को प्रभावित करती है, जिससे भूख बढ़ती है और बच्चे ज्यादा कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों की ओर आकर्षित होते हैं। बच्चों के नियमित सोने का समय निर्धारित करें और सोने से 2 घंटे पहले स्क्रीन टाइम बंद करें। बच्चों में मोटापा एक जटिल और गंभीर समस्या है, लेकिन माता-पिता छोटे-छोटे बदलावों से इसे काफी हद तक रोक सकते हैं।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed