घुटने और जोड़ों के दर्द की समस्या आम होती जा रही है। पहले ये अक्सर बुजुर्गों में देखी जाती थी पर जिस तरह से लोगों की लाइफस्टाइल खराब हो गई है, युवाओं में भी जोड़ों की समस्याएं काफी बढ़ गई है। ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर काम करना, अधिक वजन और शारीरिक गतिविधियों में कमी के चलते बड़ी संख्या में लोग दर्द से परेशान देखे जा रहे हैं।
Joint Pain: घुटनों में दर्द के कारण चलना-फिरना हो गया है मुश्किल? कैसे पाएं इससे आराम
अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त होने से भी आपके घुटने के जोड़ों पर तनाव बढ़ जाता है, इसके कारण सामान्य गतिविधियों जैसे चलने या सीढ़ियां चढ़ने तक में भी कठिनाई होती है। इसके अलावा शारीरिक निष्क्रियता भी घुटने के दर्द की समस्या को बढ़ाने वाली हो सकती है।
पूरे शरीर पर हो सकता है असर
घुटनों का दर्द पूरे शरीर को प्रभावित कर सकता है। दर्द के कारण चलना-फिरना कम हो जाता है, जिससे मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। शारीरिक गतिविधि घटने से वजन बढ़ता है और हृदय, शुगर व ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। घुटने में होने वाला दर्द वैसे तो गंभीर नहीं होता लेकिन चोट, ऑस्टियोआर्थराइटिस, जोड़ों में तनाव आदि का अगर समय रहते इलाज न किया जाए तो इसके गंभीर रूप लेने का खतरा हो सकता है।
अब सवाल ये है कि क्या उपाय किए जाएं कि घुटनों की समस्या दूर रहे?
घुटनों की समस्या से बचाव के लिए व्यायाम जरूरी
नियमित व्यायाम की आदत आपके घुटने की समस्याओं को कम करने में मददगार हो सकती है। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग व्यायाम, क्वाड्रिसेप्स और हैमस्ट्रिंग की मांसपेशियों को केंद्रित करती है, जिससे दर्द को कम करने में मदद मिल सकती है। शरीर के सक्रिय रहने से वजन को नियंत्रित करने और मांसपेशियों को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है, इससे भी घुटनों को स्वस्थ रखा जा सकता है। गठिया जैसी समस्याओं से बचाने में भी व्यायाम की भूमिका महत्वपूर्ण है।
सूजन कम करने वाले आहार का करें सेवन
ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर आहार जैसे अखरोट, अलसी और मछली सूजन कम करने में मदद करते हैं। वहीं कैल्शियम और विटामिन-डी हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। इससे भरपूर चीजों को नियमित रूप से आहार का हिस्सा बनाएं। ये पोषक तत्व शरीर को स्वस्थ रखने के साथ घुटनों की दिक्कतों को भी कम करते हैं। इसके अलावा प्रोसेस्ड फूड और ज्यादा नमक-सुगर सूजन बढ़ा सकते हैं, इसलिए इनसे बचना चाहिए।
वजन को रखें कंट्रोल
शरीर का अधिक वजन, घुटने के दर्द को बढ़ाने वाला हो सकता है। यह गठिया के भी कारणों में से एक है। वजन अधिक होने से जोड़ों पर दबाव बढ़ता है जिससे वहां की मांसपेशियां प्रभावित हो सकती हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि अगर नियमित व्यायाम किया जाए तो यह वजन को कंट्रोल में रखने और आर्थराइटिस के खतरे को कम करने में मदद कर सकती है।
जूतों का सही चयन जरूरी
अक्सर हम सभी ध्यान नहीं देते हैं पर खराब क्वालिटी के जूते, ऊंची एड़ी वाली सैंडिल भी जोड़ों और घुटनों में समस्याओं का कारण बन सकती हैं। इसलिए अच्छे और आरामदायक जूते पहनें। विशेषतौर पर जिन लोगों को गठिया की दिक्कत है उन्हें इसपर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। सही जूते एड़ी और घुटनों की कई प्रकार की समस्याओं से आपको बचाने में मददगार हो सकते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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