देश में नोवेल कोरोना वायरस की दूसरी लहर तेजी से बढ़ रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में बीते 24 घंटों में 96,982 नए कोरोना मरीज मिले हैं।
विशेषज्ञों ने बताया इस वजह से तेजी से बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले, जानें कब तक नियंत्रण में आने की है उम्मीद?
क्यों बढ़ने लगे हैं मामले?
मध्यप्रदेश के इंदौर में कोविड कॉटैक्ट ट्रेसिंग प्रभारी डॉ अनिल डोंगरे ने एक बातचीत के दौरान बताया कि कोरोना के वायरस को बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण की जरूरत होती है। चूंकि अक्टूबर-नवंबर में तापमान में गिरावट आ जाती है जो वायरस के बढ़ने के लिए अनुकूल होता है। अब जैसे ही तापमान फिर से बढ़ने लगा है उसी के साथ वायरस के प्रसार में भी तेजी देखने को मिल रही है।
डॉ अनिल बताते हैं कि मामलों के दोबारा से बढ़ने का एक कारण यह भी है कि लोगों में कोविड के यूके जैसे दूसरे स्ट्रेनों की भी पुष्टि हो रही है। रोचक बात यह है कि जिन लोगों में यूके जैसे स्ट्रेन की पुष्टि हुई उनकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं थी। इसका मतलब होता है कि लोग अन्य तरीकों से नए स्ट्रेनों के शिकार हो रहे हैं। हमें 100 लोगों के सैंपल में 6 लोगों में यूके स्ट्रेन देखने को मिले हैं, यह सिर्फ एक शहर की बात है, ऐसे देश में कितने लोग संक्रमित हुए होंगे।
लोगों की लापरवाही भी एक कारण
कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रधानमंत्री ने एक बैठक बुलाई थी। इसमें अधिकारियों ने जानकारी दी कि एक बार कोरोना के मामले कम होने के बाद लोगों ने लापरवाही करनी शुरू कर दी थी, जिसके कारण भी मामलों में तेजी देखने को मिल रही है। सही से मास्क न पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन न करना और लोगों का दोबारा से एक दूसरे से बिना एहतियात बरते मिलने के कारण भी मामले फिर से बढ़ रहे हैं।
कब तक स्थिति नियंत्रित होने की उम्मीद?
डॉ अनिल बताते हैं कि चूंकि यह मौसम वायरस के बढ़ने के लिए अनुकूल है, ऐसे में फिलहाल मामले और बढ़ते देखे जा सकते हैं। एक बार जब मई-जून में तापमान बढ़़ेगा, उस समय दोबारा से मामलों में गिरावट देखने की उम्मीद की जा रही है। फिलहाल तब तक लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग इस लहर से सुरक्षित रह सकें।
